What Should Yes Bank Customers Do After Rbi Decision – यस बैंक संकट: अब आपके पैसों का क्या होगा? जानिए हर सवाल का जवाब

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इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल के अधिकारों पर रोक लगाते हुए एक महीने के लिए एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार की प्रशासक के रूप में नियुक्ति भी कर दी है। इसके बाद यस बैंक के जमाकर्ताओं को एटीएम से धन निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लंबी कतारों में खड़े ग्राहकों को कहीं मशीनें बंद पड़ी मिलीं तो कहीं एटीएम में धन नहीं था। यस बैंक के ग्राहकों की मुसीबत और बढ़ गई जब उन्हें इंटरनेट बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन स्थानांतरित करने में भी असुविधा झेलनी पड़ी। इसलिए अगर आपका भी यस बैंक में खाता है, तो इधर जानें अपने हर सवाल का जवाब।

खाताधारक बैंक से कितने पैसे निकाल सकते हैं ?
आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, यस बैंक में बचत, चालू या किसी अन्य जमा खाते से एक महीने के दौरान 50 हजार रुपये से ज्यादा धनराशि नहीं निकाली जा सकेगी। 

क्या पैसे निकालने की कोई आखिरी तारीख भी है ?
यस बैंक खाताधारक तीन अप्रैल 2020 तक 50 हजार रुपये की निकासी कर सकते हैं।  

विशेष परिस्थितियों के लिए निकासी की सीमा क्या है ?
पढ़ाई, इलाज, शादी या किसी अन्य विशेष परिस्थितियों में आरबीआई द्वारा निकासी के लिए थोड़ी छूट दी गई है। ऐसे में ग्राहक पांच लाख रुपये तक निकाल सकते हैं। 

बैंक में एक से ज्यादा खाता होने पर निकासी की सीमा क्या है ?
अगर किसी खाताधारक का यस बैंक में एक से ज्यादा खाता है, तो भी वह 50 हजार रुपये से ज्यादा धनराशि नहीं निकाल सकता।  

क्या यस बैंक में खाताधारकों के पैसे सुरक्षित हैं ?
आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द ही बैंक के लिए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश किया जाएगा और ग्राहकों के पैसों को सुरक्षित किया जाएगा। यानी ग्राहकों का पैसा नहीं डूबेगा।

EMI, SIP या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा है तो क्या होगा?
50 हजार तक की किस्त में आपको कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन अगर आपकी ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा की है, तो वो बाउंस हो जाएगी। 

किस्त बाउंस होने पर क्या होगा ? 
ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त बाउंस होने से बचने के लिए आप ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त कटने के सोर्स का बदलवा सकते हैं। अगर आपकी किस्त बाउंस होती है, तो इसका भी आपके सिबिल स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

आरबीआई के एक्शन से ग्राहकों को क्या फायदा होगा ?
आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से बैंक की वित्तीय हालत सुधरेगी। ग्राहक पहले की ही तरह लेन-देन कर सकेंगे।

सार

वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक पर गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित की। 

विस्तार

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल के अधिकारों पर रोक लगाते हुए एक महीने के लिए एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार की प्रशासक के रूप में नियुक्ति भी कर दी है। इसके बाद यस बैंक के जमाकर्ताओं को एटीएम से धन निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लंबी कतारों में खड़े ग्राहकों को कहीं मशीनें बंद पड़ी मिलीं तो कहीं एटीएम में धन नहीं था। यस बैंक के ग्राहकों की मुसीबत और बढ़ गई जब उन्हें इंटरनेट बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन स्थानांतरित करने में भी असुविधा झेलनी पड़ी। इसलिए अगर आपका भी यस बैंक में खाता है, तो इधर जानें अपने हर सवाल का जवाब।

खाताधारक बैंक से कितने पैसे निकाल सकते हैं ?
आरबीआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, यस बैंक में बचत, चालू या किसी अन्य जमा खाते से एक महीने के दौरान 50 हजार रुपये से ज्यादा धनराशि नहीं निकाली जा सकेगी। 

क्या पैसे निकालने की कोई आखिरी तारीख भी है ?
यस बैंक खाताधारक तीन अप्रैल 2020 तक 50 हजार रुपये की निकासी कर सकते हैं।  

विशेष परिस्थितियों के लिए निकासी की सीमा क्या है ?
पढ़ाई, इलाज, शादी या किसी अन्य विशेष परिस्थितियों में आरबीआई द्वारा निकासी के लिए थोड़ी छूट दी गई है। ऐसे में ग्राहक पांच लाख रुपये तक निकाल सकते हैं। 

बैंक में एक से ज्यादा खाता होने पर निकासी की सीमा क्या है ?
अगर किसी खाताधारक का यस बैंक में एक से ज्यादा खाता है, तो भी वह 50 हजार रुपये से ज्यादा धनराशि नहीं निकाल सकता।  

क्या यस बैंक में खाताधारकों के पैसे सुरक्षित हैं ?
आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द ही बैंक के लिए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश किया जाएगा और ग्राहकों के पैसों को सुरक्षित किया जाएगा। यानी ग्राहकों का पैसा नहीं डूबेगा।

EMI, SIP या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा है तो क्या होगा?
50 हजार तक की किस्त में आपको कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन अगर आपकी ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा की है, तो वो बाउंस हो जाएगी। 

किस्त बाउंस होने पर क्या होगा ? 
ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त बाउंस होने से बचने के लिए आप ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त कटने के सोर्स का बदलवा सकते हैं। अगर आपकी किस्त बाउंस होती है, तो इसका भी आपके सिबिल स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

आरबीआई के एक्शन से ग्राहकों को क्या फायदा होगा ?
आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से बैंक की वित्तीय हालत सुधरेगी। ग्राहक पहले की ही तरह लेन-देन कर सकेंगे।





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