Tik Tok Reached Bombay High Court Against Petition Of Crime Activities With This App – सिर पर लटकी तलवार तो बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा टिकटॉक, बैन ना लगाए जाने की अपील

0
44


ख़बर सुनें

कुछ ही समय में दुनिया भर में मशहूर हो चुके सोशल मीडिया वीडियो एप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। इस याचिका के खिलाफ अब टिकटॉक, हाईकोर्ट के समक्ष पहुंच चुका है। उसने उच्च न्यायालय से यह याचिका खारिज करने की दरख्वास्त की है। टिकटॉक ने अपने बचाव में कहा, ‘सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 69 ए के तहत एक प्रक्रिया निर्धारित है। इसके अनुसार अगर व्यक्ति को किसी भी ऑनलाइन सामग्री से आपत्ति होती है तो वह नोडल अधिकारी से संपर्क कर उसे हटाने की मांग कर सकता है।’ 
 

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर महीने में इस ऐप के जरिए आपराधिक घटनाएं को बढ़ावा मिलने का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की गई थी। इसके साथ ही इस याचिका में युवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ने और लोगों की मृत्यु होने की बात भी कही गई। कोर्ट की तरफ से इस टिकटॉक के जरिए दी गई दलीलों पर जवाब देने के लिए दूसरे पक्ष को जवाब देने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद की जाएगी। 

टिकटॉक पर बीते कुछ समय से स्कल ब्रेकर चैलेंज काफी ट्रेंड कर रहा है। यह चैलेंज टिकटॉक के बाद दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पहुंच गया। इसके चलते वीडियो बनाते हुए बच्चों द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। डॉक्टर्स भी इसके जरिए सिर पर गंभीर चोट लगने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा भी हर महीने दुनिया भर से ऐसी ढेरों घटनाएं सामने आती है जिसमें वीडियो बनाते समय ध्यान भटकने के कारण मौतें हो रही हैं। गौरतलब है कि साल 2017 में चीनी इंटरनेट प्रौद्योगिकी कंपनी बाइटडांस ने टिकटॉक को लॉन्च किया था। इस एप के जरिए आप विभिन्न तरह की अपनी छोटी वीडियो साझा कर सकते हैं। 

कुछ ही समय में दुनिया भर में मशहूर हो चुके सोशल मीडिया वीडियो एप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। इस याचिका के खिलाफ अब टिकटॉक, हाईकोर्ट के समक्ष पहुंच चुका है। उसने उच्च न्यायालय से यह याचिका खारिज करने की दरख्वास्त की है। टिकटॉक ने अपने बचाव में कहा, ‘सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 69 ए के तहत एक प्रक्रिया निर्धारित है। इसके अनुसार अगर व्यक्ति को किसी भी ऑनलाइन सामग्री से आपत्ति होती है तो वह नोडल अधिकारी से संपर्क कर उसे हटाने की मांग कर सकता है।’ 

 





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here