Subramanian Swamy Says After Ban On Chinese Apps Govt Should Check Software And Apps In S 400 – स्वामी बोले- कहीं एस-400 में तो नहीं लगे चीनी सॉफ्टवेयर, सरकार करे जांच

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Jun 2020 01:02 PM IST

सुब्रमण्यम स्वामी (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook

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भारत सरकार ने चीन को बड़ा झटका देते हुए सोमवार को टिक टॉक समेत 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया। भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बाद से ही टिक टॉक एप को प्रतिबंधित करने की मांग की जा रही थी। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि सरकार को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि कहीं एस-400 में चीनी सॉफ्टवेयर तो नहीं लगे हैं। 
स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, ‘सोशल मीडिया में चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार को हमारे सशस्त्र बलों को जोखिम में डालने से पहले एस-400 में चीनी सॉफ्टवेयर और एप्स की जांच करनी चाहिए।’
 

बता दें कि भारत सरकार ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए करार किया हुआ है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस का दौरा भी किया था। भारत ने पांच अक्तूबर, 2018 को 5.43 बिलियन डॉलर (40,000 करोड़) के कांट्रैक्ट पर रूस के साथ हस्ताक्षर किए थे। इस कांट्रैक्ट के तहत रूस भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम देगा। भारत ने यह रक्षा सौदा अमेरिका की उस धमकी के बाद भी किया था, जिसमें उसने रूस से हथियार या ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर काट्सा के तहत प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। 

इस मिसाइल सिस्टम के जरिए भारत 380 किलोमीटर की दूरी तक बॉम्बर्स, जेट्स, जासूसी विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स का पता लगाकर उन्हें तबाह कर सकता है। इसके जरिए भारत अपनी हवाई रक्षा को मजबूती प्रदान करना चाहता है। इन्हें चीन, पाकिस्तान के साथ ही नई दिल्ली में तैनात किया जाएगा। भारत ने साल 2015 में इस मिलाइल सौदे की प्रक्रिया को शुरू किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति ने इसे पिछले साल 26 सितंबर को मंजूरी दी थी।

भारत सरकार ने चीन को बड़ा झटका देते हुए सोमवार को टिक टॉक समेत 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया। भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बाद से ही टिक टॉक एप को प्रतिबंधित करने की मांग की जा रही थी। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि सरकार को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि कहीं एस-400 में चीनी सॉफ्टवेयर तो नहीं लगे हैं। 

स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, ‘सोशल मीडिया में चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार को हमारे सशस्त्र बलों को जोखिम में डालने से पहले एस-400 में चीनी सॉफ्टवेयर और एप्स की जांच करनी चाहिए।’

 

बता दें कि भारत सरकार ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए करार किया हुआ है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस का दौरा भी किया था। भारत ने पांच अक्तूबर, 2018 को 5.43 बिलियन डॉलर (40,000 करोड़) के कांट्रैक्ट पर रूस के साथ हस्ताक्षर किए थे। इस कांट्रैक्ट के तहत रूस भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम देगा। भारत ने यह रक्षा सौदा अमेरिका की उस धमकी के बाद भी किया था, जिसमें उसने रूस से हथियार या ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर काट्सा के तहत प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। 

इस मिसाइल सिस्टम के जरिए भारत 380 किलोमीटर की दूरी तक बॉम्बर्स, जेट्स, जासूसी विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स का पता लगाकर उन्हें तबाह कर सकता है। इसके जरिए भारत अपनी हवाई रक्षा को मजबूती प्रदान करना चाहता है। इन्हें चीन, पाकिस्तान के साथ ही नई दिल्ली में तैनात किया जाएगा। भारत ने साल 2015 में इस मिलाइल सौदे की प्रक्रिया को शुरू किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति ने इसे पिछले साल 26 सितंबर को मंजूरी दी थी।





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