Rohit Tiwari Murder Case: Bail Plea Of Wife Apoorva Shukla Dismissed – रोहित तिवारी मर्डर केस: पत्नी अपूर्वा शुक्ला की जमानत याचिका खारिज

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अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Tue, 01 Dec 2020 09:34 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : फाइल फोटो

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अदालत ने रोहित तिवारी हत्या मामले में आरोपी मृतक की पत्नी अपूर्वा शुक्ला की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी के बेटे रोहित की हत्या का उसकी पत्नी अपूर्वा पर आरोप है। रोहित तिवारी की 15-16 अप्रैल 2019 की रात हत्या कर दी गई थी। 

साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मृतक के परिवार का हिस्सा होने के नाते आरोपी केस के गवाहों को प्रभावित करने की स्थिति में है। केस के कई गवाहों के बयान अभी दर्ज होने हैं। 

अदालत ने ये भी कहा कि रोहित की हत्या पहली मंजिल पर हुई और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार अपूर्वा घर की पहली मंजिल पर जाने वाली आखरी शख्स थी। यह पूरा केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। अभी सामने आए साक्ष्यों के मद्देनजर आरोपी पर पहली नजर में हत्या का मामला बनता है। अपूर्वा पर हत्या का आरोप है जिसमें मौत की सजा भी हो सकती है।
 
अदालत ने इस बात पर गौर किया अपूर्वा के वकील ने पूरा जोर गवाहों के दर्ज बयानों पर दिया और कई बयान कोर्ट में पढ़े। अदालत ने कहा जमानत याचिका का निपटारा करते हुए गवाहों के बयानों की गहराई में जाने की जरूरत नहीं होती, इससे केस की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने कहा कि कई अहम गवाहों समेत 11 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और अब किसी गवाह को प्रभावित करने की आशंका नहीं है। रोहित की मां उज्जवला को पुलिस ने हत्या के बारे में बताया था। इसलिए उनका बयान उनके विश्वास पर आधारित है। उनकी मुव्वकिल अपने पति की सलामती के लिए सबसे ज्यादा फिक्रमंद थी।
 
वहीं अभियोजन पक्ष के जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अपूर्वा ने रोहित को बुरी हालत में देखने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी। वहीं उज्जवला तिवारी के वकील तारिक नासिर तथा मानव नरूला ने कहा था कि दंपति के बीच शादी के बाद से रिश्ते खराब थे और अपूर्वा छोटी-छोटी बातों पर रोहित से लड़ती थी।

अदालत ने रोहित तिवारी हत्या मामले में आरोपी मृतक की पत्नी अपूर्वा शुक्ला की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी के बेटे रोहित की हत्या का उसकी पत्नी अपूर्वा पर आरोप है। रोहित तिवारी की 15-16 अप्रैल 2019 की रात हत्या कर दी गई थी। 

साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मृतक के परिवार का हिस्सा होने के नाते आरोपी केस के गवाहों को प्रभावित करने की स्थिति में है। केस के कई गवाहों के बयान अभी दर्ज होने हैं। 

अदालत ने ये भी कहा कि रोहित की हत्या पहली मंजिल पर हुई और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार अपूर्वा घर की पहली मंजिल पर जाने वाली आखरी शख्स थी। यह पूरा केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। अभी सामने आए साक्ष्यों के मद्देनजर आरोपी पर पहली नजर में हत्या का मामला बनता है। अपूर्वा पर हत्या का आरोप है जिसमें मौत की सजा भी हो सकती है।

 
अदालत ने इस बात पर गौर किया अपूर्वा के वकील ने पूरा जोर गवाहों के दर्ज बयानों पर दिया और कई बयान कोर्ट में पढ़े। अदालत ने कहा जमानत याचिका का निपटारा करते हुए गवाहों के बयानों की गहराई में जाने की जरूरत नहीं होती, इससे केस की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। 

बचाव पक्ष के अधिवक्ता मेहमूद प्राचा ने कहा कि कई अहम गवाहों समेत 11 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और अब किसी गवाह को प्रभावित करने की आशंका नहीं है। रोहित की मां उज्जवला को पुलिस ने हत्या के बारे में बताया था। इसलिए उनका बयान उनके विश्वास पर आधारित है। उनकी मुव्वकिल अपने पति की सलामती के लिए सबसे ज्यादा फिक्रमंद थी।
 
वहीं अभियोजन पक्ष के जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अपूर्वा ने रोहित को बुरी हालत में देखने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी। वहीं उज्जवला तिवारी के वकील तारिक नासिर तथा मानव नरूला ने कहा था कि दंपति के बीच शादी के बाद से रिश्ते खराब थे और अपूर्वा छोटी-छोटी बातों पर रोहित से लड़ती थी।



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