Raveesh Kumar Mea Pm Modi Will Not Participate In India-eu Summit, Decision Taken Due To Coronavirus – कोरानावायरस: भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन टला, पीएम मोदी को लेना था हिस्सा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 05 Mar 2020 06:01 PM IST

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
– फोटो : ANI

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी दी है कि भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाग लेना था, लेकिन दोनों देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सुझाव दिया कि यात्रा वर्तमान में नहीं होनी चाहिए। इसलिए, यह निर्णय लिया गया है कि शिखर सम्मेलन को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर पुन:र्निर्धारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग की भावना से यह निर्णय लिया गया है। भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक स्वास्थ्य के लिए समान चिंताओं और प्रतिबद्धता को साझा करते हैं और आशा करते हैं कि कोरोनावायरस का प्रकोप जल्द ही समाहित हो जाएगा। 

बांग्लादेश का दौरा करेंगे पीएम मोदी 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे को लेकर कहा कि जब पीएम मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने साफ तौर पर बंगाबंधु (शेख मुजीबुर्रहमान) की शताब्दी समारोह को लेकर उन्हें निमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया और वह समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश का दौरा करेंगे। हम इस बारे में अधिक जानकारी आगे साझा करेंगे। 

तुर्की को दिया सख्त संदेश: रवीश 

तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्डोगन के दिल्ली हिंसा पर दिए बयानों को लेकर प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है और वह खुद के राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है। हम इस तरह बयान एक देश के प्रमुख से उम्मीद नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हमने तीन मार्च को दिल्ली में तुर्की के राजदूत से विरोध जताया था।

ईरान के 495 यात्री कहां?

ईरान के 495 यात्रियों के भारत में नहीं मिलने वाली रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक हमें ईरान के दूतावास से इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। भारत आए कुछ ईरानी यात्री कोरोनावायरस प्रकोप से पहले ही यहां पहुंचे थे और अब वह अपने देश वापस नहीं लौट सकते हैं क्योंकि वर्तमान समय में दोनों देशों के बीच विमानों का संचालन नहीं हो रहा है। 

अमेरिका-तालिबान शांति समझौता

अमेरिका-तालिबान शांति समझौते को लेकर प्रवक्ता ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य के लिए अपनी आकांक्षा को साकार करने में अफगानिस्तान की सरकार और लोगों को हर संभव समर्थन देना जारी रखेगा, जहां अफगान समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की जाती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी दी है कि भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाग लेना था, लेकिन दोनों देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सुझाव दिया कि यात्रा वर्तमान में नहीं होनी चाहिए। इसलिए, यह निर्णय लिया गया है कि शिखर सम्मेलन को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर पुन:र्निर्धारित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग की भावना से यह निर्णय लिया गया है। भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक स्वास्थ्य के लिए समान चिंताओं और प्रतिबद्धता को साझा करते हैं और आशा करते हैं कि कोरोनावायरस का प्रकोप जल्द ही समाहित हो जाएगा। 

बांग्लादेश का दौरा करेंगे पीएम मोदी 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे को लेकर कहा कि जब पीएम मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने साफ तौर पर बंगाबंधु (शेख मुजीबुर्रहमान) की शताब्दी समारोह को लेकर उन्हें निमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया और वह समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश का दौरा करेंगे। हम इस बारे में अधिक जानकारी आगे साझा करेंगे। 

तुर्की को दिया सख्त संदेश: रवीश 

तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्डोगन के दिल्ली हिंसा पर दिए बयानों को लेकर प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है और वह खुद के राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है। हम इस तरह बयान एक देश के प्रमुख से उम्मीद नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हमने तीन मार्च को दिल्ली में तुर्की के राजदूत से विरोध जताया था।

ईरान के 495 यात्री कहां?

ईरान के 495 यात्रियों के भारत में नहीं मिलने वाली रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक हमें ईरान के दूतावास से इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। भारत आए कुछ ईरानी यात्री कोरोनावायरस प्रकोप से पहले ही यहां पहुंचे थे और अब वह अपने देश वापस नहीं लौट सकते हैं क्योंकि वर्तमान समय में दोनों देशों के बीच विमानों का संचालन नहीं हो रहा है। 

अमेरिका-तालिबान शांति समझौता

अमेरिका-तालिबान शांति समझौते को लेकर प्रवक्ता ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य के लिए अपनी आकांक्षा को साकार करने में अफगानिस्तान की सरकार और लोगों को हर संभव समर्थन देना जारी रखेगा, जहां अफगान समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की जाती है।





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