Pmo Has Taken Over The Responsibility Of Saving The Breath Of The Choking National Capital Due To Smog In The Winter Season – सर्दी में स्मॉग से दिल्ली की ‘सांस’ बचाने खुद मैदान में उतरा पीएमओ, गठित की टास्क फोर्स

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Sun, 20 Sep 2020 01:38 AM IST

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हर साल सर्दी के मौसम में ‘स्मॉग’ के कारण घुट जाने वाली राष्ट्रीय राजधानी की ‘सांस’ को बचाने की जिम्मेदारी इस बार खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संभाल ली है।

इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डा. पीके मिश्रा के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई है, जो उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में वायु प्रदूषण घटाने के लिए चल रही कवायद की लगातार समीक्षा करेगी। इस दौरान टास्क फोर्स की नजर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के खेतों में पराली जलाने से रोकने पर भी टिकी रहेगी।

 

पीएमओ ने शनिवार को बताया कि टास्क फोर्स की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों ने भी भाग लिया।

बैठक में पीएम के प्रधान सचिव मिश्रा ने सभी को स्पष्टï बताया कि वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारणों से निपटने की उचित व्यवस्था के लिए ही फसलों की कटाई और सर्दी के मौसम की शुरुआत से पहले बैठक आयोजित की गई है।

उन्होंने वायु प्रदूषण घटाने के लिए राज्य सरकारों और विभिन्न मंत्रालयों द्वारा  चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की। इस दावे पर भी गौर किया गया कि पिछले दो साल में फसलों की पराली जलाने में 50 फीसदी कमी आई है।  पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को इस साल पराली जलने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मिश्रा ने दिल्ली सरकार के जीएनसीटी से भी कहा कि कूड़े को जलने से रोकने के लिए टीमों की तैनाती की जाए और सडक़ों की मशीनों से सफाई कराई जाए। निर्माण और उससे निकलने वाले कचरे के उपयोग की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। मिश्रा ने औद्योगिक क्षेत्रों में उत्सर्जन पर सैटेलाइट से नजर रखवाने का आदेश दिया।

हर साल सर्दी के मौसम में ‘स्मॉग’ के कारण घुट जाने वाली राष्ट्रीय राजधानी की ‘सांस’ को बचाने की जिम्मेदारी इस बार खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संभाल ली है।

इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डा. पीके मिश्रा के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई है, जो उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में वायु प्रदूषण घटाने के लिए चल रही कवायद की लगातार समीक्षा करेगी। इस दौरान टास्क फोर्स की नजर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के खेतों में पराली जलाने से रोकने पर भी टिकी रहेगी।

 

पीएमओ ने शनिवार को बताया कि टास्क फोर्स की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों ने भी भाग लिया।

बैठक में पीएम के प्रधान सचिव मिश्रा ने सभी को स्पष्टï बताया कि वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारणों से निपटने की उचित व्यवस्था के लिए ही फसलों की कटाई और सर्दी के मौसम की शुरुआत से पहले बैठक आयोजित की गई है।

उन्होंने वायु प्रदूषण घटाने के लिए राज्य सरकारों और विभिन्न मंत्रालयों द्वारा  चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की। इस दावे पर भी गौर किया गया कि पिछले दो साल में फसलों की पराली जलाने में 50 फीसदी कमी आई है।  पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को इस साल पराली जलने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मिश्रा ने दिल्ली सरकार के जीएनसीटी से भी कहा कि कूड़े को जलने से रोकने के लिए टीमों की तैनाती की जाए और सडक़ों की मशीनों से सफाई कराई जाए। निर्माण और उससे निकलने वाले कचरे के उपयोग की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। मिश्रा ने औद्योगिक क्षेत्रों में उत्सर्जन पर सैटेलाइट से नजर रखवाने का आदेश दिया।



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