Home Blog

Eight Policemen Trapped In Vikas Dubey’s House – विकास दुबे के किलेनुमा घर में फंसकर शहीद हुए आठ पुलिसकर्मी, सीसीटीवी कैमरों से लैस है हर दीवार

0


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर, Updated Sat, 04 Jul 2020 01:06 AM IST

कुख्यात अपराधी और यूपी मोस्ट वांटेड विकास दुबे उर्फ विकास पंडित का घर किले से कम नहीं है। शातिर दिमाग होने के कारण विकास पंडित का घर ऐसा बना है कि उसमें लगे तीन बड़े दरवाजे तीन दिशाओं में खुलते हैं। छत पर जाने के लिए दो जीना हैं। सभी द्वार पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
 

 



Source link

Iit Delhi Study Coronavirus: Haritaki And Tea Extracts May Act As Potential Therapeutic Options Against Covid-19: – Coronavirus: चाय-हरड़ से हो सकता है कोरोना का उपचार, स्वास्थ्य मंत्री ने भी साझा की आईआईटी दिल्ली की स्टडी 

0


लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली, Updated Sat, 04 Jul 2020 01:17 AM IST

कोराना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए दुनियाभर के देशों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक शोधरत हैं। इसकी वैक्सीन और दवा तैयार करने को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई अच्छी खबरें भी सामने आई हैं। वहीं दूसरी ओर आयुर्वेद के जरिए भी कोरोना को मात देने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। आयुष मंत्रालय की ओर से कई तरह की औषधि को लेकर शोध कराए जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली आईआईटी यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के हालिया शोध अध्ययन में सामने आया है कि चाय और हरड़ भी कोरोना से लड़ने में मदद करती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना काल में लोगों को इसका नियमित सेवन करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी इस शोध की सराहना की है। 



Source link

India China Dispute: International Business Between India And China May Cancel – भारत-चीन के व्यापारिक रिश्तों में अब ‘चीनी’ कम, लिपुलेख दर्रे से अंतरराष्ट्रीय व्यापार बंद होने के आसार

0


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

भारत-चीन के बीच बढ़ते विवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ लिपुलेख दर्रे से होने वाले भारत-चीन व्यापार पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इस वर्ष कोविड-19 के चलते इस रास्ते से भारत-चीन व्यापार नहीं हो पाया है।

भारत-चीन व्यापार में जाने वाले व्यापारियों ने भी अंदेशा जताया है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद की स्थिति ऐसी ही रही तो इस रास्ते से व्यापार बंद हो सकता है। साथ ही उन्होंने देशहित में चीन से व्यापार छोड़ने की बात भी कही। मालूम हो कि पिछले कुछ सालों से आयात और निर्यात में काफी कमी आई है।  

यह भी पढ़ें: लोकगीतों के सहारे माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा नेपाल, भारत विरोधी गीतों से रच रहा नई साजिश

भौगोलिक परिस्थितियां अथवा सुविधाओं की कमी और दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार में दिनों-दिन कमी आती जा रही है। समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे से होने वाले इस व्यापार की प्रमुख मंडी पिथौरागढ़ जिले का गुंजी और तिब्बत में तकलाकोट हैं।

दोनों मंडियों में दोनों देशों के व्यापारी कारोबार कर सकते हैं। बावजूद इसके भारतीय कारोबारी तो तकलाकोट जाते हैं, लेकिन चीन के व्यापारी गुंजी आने से कतराते हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2016 के बाद इस व्यापार में आयात और निर्यात में कमी आई है। वर्तमान में यह व्यापार घटकर आधे से भी कम रह गया है। आयात लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन निर्यात में काफी कमी आई है। 

भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच व्यापार की परंपरा सदियों पुरानी हैं। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद यह व्यापार बंद हो गया था। 1992 में करीब 32 साल बाद दोनों देशों की सहमति से इसे फिर से शुरू किया गया। व्यापार के लिए एक जून से 30 सितंबर की तिथि तय है। हालांकि कई बार इसे बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दिया जाता है। व्यापार के दौरान सहायक ट्रेड अधिकारी गुंजी में कार्य करते हैं। शेष अवधि में धारचूला में कार्य चलता है। व्यापार संचालन के लिए कालापानी में कस्टम चौकी और गुंजी में स्टेट बैंक की शाखा भी खोली जाती है।  
 
व्यापारी घोड़े खच्चरों से लादकर पहुंचाते है तकलाकोट सामग्री 
दोनों देशों के बीच घटते व्यापार की एक बड़ी वजह व्यापारियों की समस्याएं भी हैं। चीन ने तकलाकोट मंडी तक सड़क पहुंचा दी है। चीनी व्यापारी आसानी से मंडी तक सामान पहुंचाते हैं। लेकिन भारत लिपुलेख तक वर्ष 2020 में सड़क पहुंचा पाया है। यहां पर व्यापारी घोड़े खच्चरों में सामान लादकर तकलाकोट पहुंचाते हैं। वर्षाकाल में व्यापारियों का अधिकांश सामान तकलाकोट पहुंचते-पहुंचते खराब भी हो जाता है। इससे उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ता है। 

वर्ष 2002 के बाद नहीं आया कोई भी चीनी व्यापारी 
भारत-चीन व्यापार को लेकर चीन के व्यापारियों में कोई उत्साह नहीं है। वर्ष 2002 के बाद से आज तक किसी भी चीनी व्यापारी ने व्यापार के लिए गुंजी में कदम नहीं रखा है। लेकिन भारतीय व्यापारी प्रत्येक वर्ष व्यापार के लिए चीन जाते हैं। 

इन चीजों का होता है व्यापार
गुड़, मिश्री, कॉस्मेटिक सामान, एल्यूमीनियम के बर्तन, कॉफी, टाफियां, सुर्ती,  ऊन, तिब्बती चाय, छिरबी, याक की पूंछ, जैकेट, कंबल, जूते, चीन निर्मित रजाइयां आदि।  

वर्ष-                   आयात                  निर्यात 
2012-             1.84 करोड़             88.4 लाख 
2013 –            81.58 करोड़           1.29 करोड़ 
2014 –            2.48 करोड़            1.82 करोड़     
2015 –            3.26 करोड़            62.32 लाख
2016 –             5.21 करोड़           75.95 लाख     
2017 –             7.34 लाख            87.85 करोड़
2018 –             5.34 लाख            87.86 करोड़
2019 –             1.91 करोड़           1.25 करोड़

सदियों से दोनों देशों के बीच व्यापार की परंपरा रही है। प्रत्येक वर्ष व्यापार के लिए जाते हैं। हर जगह चीन के बहिष्कार की आवाज उठ रही हैं। व्यापार से पहले देश हित है। व्यापार छोड़ना पड़े तो वह व्यापार छोड़ने के लिए तैयार हैं।  
 – दिनेश गुंज्याल, उपाध्यक्ष, भारत-चीन व्यापार समिति

सार

  • प्रत्येक वर्ष व्यापार के लिए तकलाकोट मंडी जाते हैं भारतीय व्यापारी 
  • 1962 युद्ध के बाद 32 वर्ष तक नहीं हुआ था इस रास्ते से व्यापार 
  • कोविड-19 के चलते इस वर्ष नहीं हुआ व्यापार, मानसरोवर यात्रा भी इसी वजह से नहीं हो पाई  

विस्तार

भारत-चीन के बीच बढ़ते विवाद के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ लिपुलेख दर्रे से होने वाले भारत-चीन व्यापार पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इस वर्ष कोविड-19 के चलते इस रास्ते से भारत-चीन व्यापार नहीं हो पाया है।

भारत-चीन व्यापार में जाने वाले व्यापारियों ने भी अंदेशा जताया है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद की स्थिति ऐसी ही रही तो इस रास्ते से व्यापार बंद हो सकता है। साथ ही उन्होंने देशहित में चीन से व्यापार छोड़ने की बात भी कही। मालूम हो कि पिछले कुछ सालों से आयात और निर्यात में काफी कमी आई है।  

यह भी पढ़ें: लोकगीतों के सहारे माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा नेपाल, भारत विरोधी गीतों से रच रहा नई साजिश

भौगोलिक परिस्थितियां अथवा सुविधाओं की कमी और दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार में दिनों-दिन कमी आती जा रही है। समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे से होने वाले इस व्यापार की प्रमुख मंडी पिथौरागढ़ जिले का गुंजी और तिब्बत में तकलाकोट हैं।

दोनों मंडियों में दोनों देशों के व्यापारी कारोबार कर सकते हैं। बावजूद इसके भारतीय कारोबारी तो तकलाकोट जाते हैं, लेकिन चीन के व्यापारी गुंजी आने से कतराते हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2016 के बाद इस व्यापार में आयात और निर्यात में कमी आई है। वर्तमान में यह व्यापार घटकर आधे से भी कम रह गया है। आयात लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन निर्यात में काफी कमी आई है। 


आगे पढ़ें

वर्ष 1962 में बंद हो गया था व्यापार 



Source link

Coronavirus Live Updates News In Hindi Covid19 July 4 Unlock 2 Day Four, Coronavirus In Bihar, Delhi, Maharashtra, Madhya Pradesh, Kerala, World – Coronavirus Updates: असम में 365 नए मामले सामने आए, अब तक 14 की मौत

0


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Jul 2020 01:35 AM IST

कोरोना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

खास बातें

  • भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 6,25,544 हो गई है, जिनमें से 2,27,439 सक्रिय मामले हैं। 
  • देशभर में 3,79,892 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक 18,213 लोगों की मौत हो चुकी है। 

लाइव अपडेट

12:43 AM, 04-Jul-2020

मध्यप्रदेश: बाहरी राज्य में नहीं जाएंगी बसें

अगले आदेश तक दूसरे राज्य जाने वाली बसों का संचालन बंद रहेगा। प्रदेश के जिलों में आने जाने वाली बसों का संचालन पूर्व की भांति सामान्य रूप से जारी रहेगा। -गृह विभाग, मध्यप्रदेश सरकार

12:34 AM, 04-Jul-2020

असम में 365 नए मामले सामने आए

राज्य में शुक्रवार को कोरोना के 365 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 134 मामले गुवाहाटी में दर्ज हुए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 9,799 हो गई है। अब तक 6,327 मरीज ठीक हुए हैं और 3,455 सक्रिय मामले हैं। जबकि 14 लोगों की मौत हुई है। -हिमंत बिस्वा सरमा, स्वास्थ्य मंत्री, असम

12:25 AM, 04-Jul-2020

जम्मू-कश्मीर: जिलों का वर्गीकरण किया

जम्मू और कश्मीर सरकार ने 4 जुलाई 2020 से लॉकडाउन को प्रभावी करने के उद्देश्य से राज्य में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में जिलों का वर्गीकरण किया।

12:18 AM, 04-Jul-2020

जम्मू-कश्मीर: आने-जाने को लेकर दिशा निर्देश जारी

प्रदेश में अनुमति प्राप्त कर चुके और अनुमति प्राप्त सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के अलावा अन्य किसी वाहन को अंतर-प्रांत या अंतर-राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए चौपहिया वाहन में चालक के अलावा दो व्यक्ति और बाइक पर केवल एक व्यक्ति को ही वैध पास होने पर रेड जोन वाले जिले में जाने की अनुमति होगी। -जम्मू-कश्मीर सरकार

12:14 AM, 04-Jul-2020

निजी प्रयोगशालाएं आवेदन करें: आईसीएमआर 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि उनके राज्य में सभी निजी प्रयोगशालाएं जो कोविड19 के लिए TrueNat/CBNAAT आधारित परीक्षण शुरू करना चाहती हैं, उन्हें NABB मान्यता के लिए तुरंत आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

12:08 AM, 04-Jul-2020

जम्मू-कश्मीर: कोविड19 आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना ही होगा

प्रदेश में आने वाले सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से कोविड19 आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा, जिसके बाद उन्हें टेस्ट का परिणाम निगेटिव आने तक प्रशासनिक संगरोध में रहना होगा। टेस्ट के परिणाम के आधार पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने के लिए घर भेजा जाएगा, यदि टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आता है तो उन्हें कोविड अस्पताल में भेजा जाएगा।

12:04 AM, 04-Jul-2020

भारत में कोरोना: असम में 365 नए मामले सामने आए, अब तक 14 की मौत

जम्मू-कश्मीर: शॉपिंग मॉल में खुलेंगी दुकानें
प्रदेश में रेड जोन को छोड़कर बाकी सभी जगह शॉपिंग मॉल स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 4 जून 2020 को किए गए जारी दिशा-निर्देशों के तहत खोले जा सकते हैं। मॉल में 50 फीसदी दुकानें एक-एक दिन की वैकल्पिक व्यवस्था के अनुरूप खोली जा सकेंगी, साथ ही संबंधित क्षेत्र के उप आयुक्तों द्वारा विनियमित की जाएंगी। दुकानों के खुलने का समय सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक रहेगा।

यहां पढ़ें 03 जुलाई (शुक्रवार) के सभी अपडेट्स





Source link

More Than 5.03 Lakh Indians Have Returned Home Under The Vande Bharat Mission – वंदे भारत मिशन: अब तक 5.03 लाख से अधिक भारतीय लौटे स्वदेश, यूएई में फंसे नागरिकों के लिए 9 और फ्लाइट

0


एयर इंडिया के विमानों के द्वारा वंदे भारत मिशन चलाया जा रहा है
– फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार द्वारा सात मई को ‘वंदे भारत मिशन’ शुरू किए जाने के बाद से अब तक 137 देशों से कुल 5.03 लाख से अधिक भारतीय वापस लौट आए हैं।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि फंसे हुए भारतीयों को स्वदेश लाने का प्रारंभिक लक्ष्य केवल 2 लाख मानते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वंदे भारत मिशन का पहला चरण 7 से 15 मई तक था। मिशन का दूसरा चरण 17 से 22 मई तक निर्धारित किया गया था। 

हालांकि, सरकार ने इसे 10 जून तक बढ़ा दिया था। इसका तीसरा चरण 11 जून से दो जुलाई तक निर्धारित किया गया था। स्वदेश वापसी के लिए सरकार की नीति के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और निर्वासन की संभावना का सामना करने वाले भारतीयों को वापस लाया जा रहा था।

कोरोना महामारी में यात्रा प्रतिबंधों के कारण संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए नौ और फ्लाइट भेजी जाएगी। दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के मुताबिक वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से शारजाह से उन्हें स्वदेश लाया जाएगा।

दूतावास ने ट्वीट कर कहा कि सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वह शारजाह में एयर इंडिया एक्सप्रेस के टिकटों की बिक्री का ध्यान रखें। टिकटों की बिक्री जैसे ही शुरू हो वह अपनी बुकिंग करवा लें।

ये फ्लाइट 9 से 14 जुलाई के बीच संचालित होगी। जिसमें यात्रियों को कोयंबटूर, मदुरै, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, कोच्चि और हैदराबाद भेजा जाएगा। स्वदेश वापसी के लिए अबुधाबी या दुबई स्थित महावाणिज्य दूतावास में आवेदन देने वालों को सभी शर्तों को पूरा करना होगा। 

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार द्वारा सात मई को ‘वंदे भारत मिशन’ शुरू किए जाने के बाद से अब तक 137 देशों से कुल 5.03 लाख से अधिक भारतीय वापस लौट आए हैं।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि फंसे हुए भारतीयों को स्वदेश लाने का प्रारंभिक लक्ष्य केवल 2 लाख मानते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वंदे भारत मिशन का पहला चरण 7 से 15 मई तक था। मिशन का दूसरा चरण 17 से 22 मई तक निर्धारित किया गया था। 

हालांकि, सरकार ने इसे 10 जून तक बढ़ा दिया था। इसका तीसरा चरण 11 जून से दो जुलाई तक निर्धारित किया गया था। स्वदेश वापसी के लिए सरकार की नीति के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और निर्वासन की संभावना का सामना करने वाले भारतीयों को वापस लाया जा रहा था।


आगे पढ़ें

यूएई में फंसे भारतीयों को लाने के  लिए 9 और फ्लाइट का संचालन 



Source link

Crime News In Hindi : Dibrugarh University Assistant Professor Arrested For Uploading Obscene Video – डिब्रूगढ़ में असिस्टेंट प्रोफेसर अश्लील वीडियो इंटरनेट पर डालने के मामले में गिरफ्तार

0


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़।
Updated Sat, 04 Jul 2020 12:15 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

असम के डिब्रूगढ़ में कथित तौर पर इंटरनेट पर अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में एक असिस्टेंट प्रोफेसर को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। 

डिब्रूगढ़ जिला पुलिस के अधीक्षक श्रीजीत टी ने बताया कि आरोपी डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में गणित के असिस्टेंट प्रोफेसर है। उसे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो एक पोर्नोग्राफिक वेबसाइट पर अपलोड किया था।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर यह वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में आरोपी की तरह दिखने वाला शख्स किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को आरोपी के घर पर छापा मारा और उसका लैपटॉप जब्त कर किया था।

एसपी ने कहा कि इसके साथ ही पूछताछ में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने स्वीकार किया है कि उसने उक्त वीडियो तीन वर्ष पहले गुवाहाटी के एक होटल में महिला के साथ बनाया था।

उन्होंने कहा कि रिकार्डिंग में इस्तेमाल कैमरे को जब्त कर लिया है। आरोपी प्रोफेसर ने यह भी दावा किया है कि वीडियो में दिख रही महिला विश्वविद्यालय की छात्रा नहीं थी। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

असम के डिब्रूगढ़ में कथित तौर पर इंटरनेट पर अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में एक असिस्टेंट प्रोफेसर को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। 

डिब्रूगढ़ जिला पुलिस के अधीक्षक श्रीजीत टी ने बताया कि आरोपी डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में गणित के असिस्टेंट प्रोफेसर है। उसे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो एक पोर्नोग्राफिक वेबसाइट पर अपलोड किया था।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर यह वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में आरोपी की तरह दिखने वाला शख्स किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को आरोपी के घर पर छापा मारा और उसका लैपटॉप जब्त कर किया था।

एसपी ने कहा कि इसके साथ ही पूछताछ में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने स्वीकार किया है कि उसने उक्त वीडियो तीन वर्ष पहले गुवाहाटी के एक होटल में महिला के साथ बनाया था।

उन्होंने कहा कि रिकार्डिंग में इस्तेमाल कैमरे को जब्त कर लिया है। आरोपी प्रोफेसर ने यह भी दावा किया है कि वीडियो में दिख रही महिला विश्वविद्यालय की छात्रा नहीं थी। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।



Source link

France Picks Jean Castex As Pm After Philippe Resigns – आलोचनाओं से घिरे फ्रांस के प्राधनमंत्री ने अपने पद से दिया इस्तीफा, जेन कैस्टेक्स ने संभाली देश की कमान

0


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Updated Fri, 03 Jul 2020 11:50 PM IST

Jean Castex

Jean Castex
– फोटो : twitter

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

कोरोना संक्रमण के चलते आलाचनाओं का सामना कर रहे एडवर्ड फिलिप ने फ्रांस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद जेन कैस्टेक्स को नया प्रधानमंत्री चुना गया है। जिनसे फ्रांस की जनता काफी उम्मीदें कर रही है। बता दें कि फ्रांस में कोरोना संक्रमण के कारण सरकार को जांच और चिकित्सा उपकरणों के अभाव को लेकर आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। वहीं लॉकडाउन के कारण काफी लोगों को नौकरियां गंवानी पड़ी हैं। देश की अर्धव्यवस्था को पटरी पर लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं फ्रांस की सरकार में और कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। 

कोरोना संक्रमण के चलते आलाचनाओं का सामना कर रहे एडवर्ड फिलिप ने फ्रांस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद जेन कैस्टेक्स को नया प्रधानमंत्री चुना गया है। जिनसे फ्रांस की जनता काफी उम्मीदें कर रही है। बता दें कि फ्रांस में कोरोना संक्रमण के कारण सरकार को जांच और चिकित्सा उपकरणों के अभाव को लेकर आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। वहीं लॉकडाउन के कारण काफी लोगों को नौकरियां गंवानी पड़ी हैं। देश की अर्धव्यवस्था को पटरी पर लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं फ्रांस की सरकार में और कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। 



Source link

Kanpur Encounter Ground Report – ग्राउंड रिपोर्ट: बिकरू में चारों ओर बिखरा खून ही खून, ग्रामीणों के मुंह पर ताला, छावनी बना गांव

0


पुलिस को जंगल में मिले हथियार

पुलिस को जंगल में मिले हथियार
– फोटो : amar ujala

जंगल में मिली पिस्टल और राइफल

जंगल में मिली पिस्टल और राइफल
– फोटो : amar ujala

यहीं हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

यहीं हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
– फोटो : amar ujala

मौके पर फैला खून

मौके पर फैला खून
– फोटो : amar ujala

फायरिंग में टूटे कारों के सीसे

फायरिंग में टूटे कारों के सीसे
– फोटो : amar ujala



Source link

More Than 50 Percent Of The Citizens Of India Are 25 Years Of Age Or Above – 25 साल या उससे ज्यादा है देश की आधी से ज्यादा आबादी की उम्र : सर्वेक्षण

0


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

एक नवीनतम सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब 25 साल या अधिक उम्र का है। भारत के महा पंजीयक एवं जनगणना आयुक्त द्वारा तैयार हाल में जारी नमूना पंजीकरण तंत्र 2018 में कहा गया है कि 25 साल से कम उम्र के लोगों का देश की आबादी में 46.9 प्रतिशत हिस्सा है।

इसके मुताबिक 25 साल से कम उम्र की आबादी में 47.4 प्रतिशत पुरुष और 46.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। हालांकि बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इस आयु वर्ग में आबादी राष्ट्रीय औसत से थोड़ा अधिक है।

आबादी की तुलना में सबसे अधिक 3.2 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ बिहार में 25 साल से कम उम्र की आबादी 57.2 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में 25 साल से कम उम्र की 52.7 प्रतिशत आबादी है। कुल 2.9 प्रतिशत के साथ देश में प्रजनन दर के मामले में यह दूसरे स्थान पर है।

केरल में 1.7 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ 25 साल से कम की 37.4 प्रतिशत आबादी है। प्रति महिला के हिसाब से बच्चों की औसत संख्या के आधार पर प्रजनन दर की गणना की जाती है। सर्वेक्षण के अनुसार शहरी इलाकों में कम प्रजनन दर के कारण 25 साल से नीचे की आबादी ग्रामीण इलाकों की तुलना में कम है।

बिहार 26.2 प्रतिशत के साथ जन्म दर के मामले में शीर्ष पर है और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सबसे कम 11.2 प्रतिशत जन्म दर है। छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर सबसे अधिक आठ प्रतिशत है और सबसे कम दिल्ली में 3.3 प्रतिशत है।

जन्म दर की गणना प्रति एक हजार जनसंख्या पर की जाती है। पिछले चार दशकों में देश में मृत्यु दर में गिरावट आई है। वर्ष 1971 में यह दर 14.9 प्रतिशत थी जो 2018 में 6.2 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट में कमी आई है। पिछले दशक में अखिल भारतीय स्तर पर मृत्यु दर 7.3 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत हो गई।

एक नवीनतम सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब 25 साल या अधिक उम्र का है। भारत के महा पंजीयक एवं जनगणना आयुक्त द्वारा तैयार हाल में जारी नमूना पंजीकरण तंत्र 2018 में कहा गया है कि 25 साल से कम उम्र के लोगों का देश की आबादी में 46.9 प्रतिशत हिस्सा है।

इसके मुताबिक 25 साल से कम उम्र की आबादी में 47.4 प्रतिशत पुरुष और 46.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। हालांकि बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इस आयु वर्ग में आबादी राष्ट्रीय औसत से थोड़ा अधिक है।

आबादी की तुलना में सबसे अधिक 3.2 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ बिहार में 25 साल से कम उम्र की आबादी 57.2 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में 25 साल से कम उम्र की 52.7 प्रतिशत आबादी है। कुल 2.9 प्रतिशत के साथ देश में प्रजनन दर के मामले में यह दूसरे स्थान पर है।

केरल में 1.7 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ 25 साल से कम की 37.4 प्रतिशत आबादी है। प्रति महिला के हिसाब से बच्चों की औसत संख्या के आधार पर प्रजनन दर की गणना की जाती है। सर्वेक्षण के अनुसार शहरी इलाकों में कम प्रजनन दर के कारण 25 साल से नीचे की आबादी ग्रामीण इलाकों की तुलना में कम है।

बिहार 26.2 प्रतिशत के साथ जन्म दर के मामले में शीर्ष पर है और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सबसे कम 11.2 प्रतिशत जन्म दर है। छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर सबसे अधिक आठ प्रतिशत है और सबसे कम दिल्ली में 3.3 प्रतिशत है।

जन्म दर की गणना प्रति एक हजार जनसंख्या पर की जाती है। पिछले चार दशकों में देश में मृत्यु दर में गिरावट आई है। वर्ष 1971 में यह दर 14.9 प्रतिशत थी जो 2018 में 6.2 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट में कमी आई है। पिछले दशक में अखिल भारतीय स्तर पर मृत्यु दर 7.3 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत हो गई।



Source link

Microsoft Is Preparing To Build Campus In Greater Noida – ग्रेटर नोएडा में कैंपस बनाने की तैयारी कर रहा है माइक्रोसॉफ्ट, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद

0


अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:43 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

आईटी क्षेत्र में विश्व की नामी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा या यीडा सिटी में 100 एकड़ एरिया में अपना कैंपस बनाने की तैयारी कर रही है। यहां निवेश के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी हुई। खुद मंत्री ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। कंपनी के प्रतिनिधि दोनों प्राधिकरणों के भी संपर्क में हैं। कंपनी यहां निवेश करती है तो इस एरिया में बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी।

नोएडा एयरपोर्ट के चलते बड़े पैमाने पर देश की और विदेशों की बड़ी कंपनियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के एरिया में निवेश करना चाह रही हैं। ये कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ ही तीनों प्राधिकरणों से भी संपर्क साध रही हैं। इसी कड़ी में अब माइक्रोसॉफ्ट का भी नाम जुड़ गया है। कंपनी करीब 100 एकड़ जमीन लेना चाह रही है। वह इस प्लांट को रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करना चाहती है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के प्रतिनिधियों से बात हुई है। प्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेेश सरकार की तरफ से अमेरिका में किए गए वर्चुअल रोड शो का नतीजा है। वहीं, जानकार बताते हैं कि अगर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी यहां प्लांट लगाती है तो यह न सिर्फ इस जिले के लिए बल्कि प्रदेश के लिए बहुत बड़ा निवेश होगा। सूत्र बताते हैं कि कंपनी का झुकाव इससे पहले चीन की तरफ था, लेकिन कोरोना संकट के चलते कंपनी ने भारत की तरफ रुख किया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा में विप्रो और एनआईआईटी के रिसर्च सेंटर हैं। माइक्रोसॉफ्ट का आना ग्रेनो के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

आईटी क्षेत्र में विश्व की नामी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा या यीडा सिटी में 100 एकड़ एरिया में अपना कैंपस बनाने की तैयारी कर रही है। यहां निवेश के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी हुई। खुद मंत्री ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। कंपनी के प्रतिनिधि दोनों प्राधिकरणों के भी संपर्क में हैं। कंपनी यहां निवेश करती है तो इस एरिया में बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी।

नोएडा एयरपोर्ट के चलते बड़े पैमाने पर देश की और विदेशों की बड़ी कंपनियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के एरिया में निवेश करना चाह रही हैं। ये कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ ही तीनों प्राधिकरणों से भी संपर्क साध रही हैं। इसी कड़ी में अब माइक्रोसॉफ्ट का भी नाम जुड़ गया है। कंपनी करीब 100 एकड़ जमीन लेना चाह रही है। वह इस प्लांट को रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करना चाहती है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के प्रतिनिधियों से बात हुई है। प्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेेश सरकार की तरफ से अमेरिका में किए गए वर्चुअल रोड शो का नतीजा है। वहीं, जानकार बताते हैं कि अगर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी यहां प्लांट लगाती है तो यह न सिर्फ इस जिले के लिए बल्कि प्रदेश के लिए बहुत बड़ा निवेश होगा। सूत्र बताते हैं कि कंपनी का झुकाव इससे पहले चीन की तरफ था, लेकिन कोरोना संकट के चलते कंपनी ने भारत की तरफ रुख किया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा में विप्रो और एनआईआईटी के रिसर्च सेंटर हैं। माइक्रोसॉफ्ट का आना ग्रेनो के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।



Source link