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France Picks Jean Castex As Pm After Philippe Resigns – आलोचनाओं से घिरे फ्रांस के प्राधनमंत्री ने अपने पद से दिया इस्तीफा, जेन कैस्टेक्स ने संभाली देश की कमान

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Updated Fri, 03 Jul 2020 11:50 PM IST

Jean Castex

Jean Castex
– फोटो : twitter

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कोरोना संक्रमण के चलते आलाचनाओं का सामना कर रहे एडवर्ड फिलिप ने फ्रांस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद जेन कैस्टेक्स को नया प्रधानमंत्री चुना गया है। जिनसे फ्रांस की जनता काफी उम्मीदें कर रही है। बता दें कि फ्रांस में कोरोना संक्रमण के कारण सरकार को जांच और चिकित्सा उपकरणों के अभाव को लेकर आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। वहीं लॉकडाउन के कारण काफी लोगों को नौकरियां गंवानी पड़ी हैं। देश की अर्धव्यवस्था को पटरी पर लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं फ्रांस की सरकार में और कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। 

कोरोना संक्रमण के चलते आलाचनाओं का सामना कर रहे एडवर्ड फिलिप ने फ्रांस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद जेन कैस्टेक्स को नया प्रधानमंत्री चुना गया है। जिनसे फ्रांस की जनता काफी उम्मीदें कर रही है। बता दें कि फ्रांस में कोरोना संक्रमण के कारण सरकार को जांच और चिकित्सा उपकरणों के अभाव को लेकर आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। वहीं लॉकडाउन के कारण काफी लोगों को नौकरियां गंवानी पड़ी हैं। देश की अर्धव्यवस्था को पटरी पर लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं फ्रांस की सरकार में और कई बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। 



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Kanpur Encounter Ground Report – ग्राउंड रिपोर्ट: बिकरू में चारों ओर बिखरा खून ही खून, ग्रामीणों के मुंह पर ताला, छावनी बना गांव

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पुलिस को जंगल में मिले हथियार

पुलिस को जंगल में मिले हथियार
– फोटो : amar ujala

जंगल में मिली पिस्टल और राइफल

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– फोटो : amar ujala

यहीं हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

यहीं हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
– फोटो : amar ujala

मौके पर फैला खून

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– फोटो : amar ujala

फायरिंग में टूटे कारों के सीसे

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– फोटो : amar ujala



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More Than 50 Percent Of The Citizens Of India Are 25 Years Of Age Or Above – 25 साल या उससे ज्यादा है देश की आधी से ज्यादा आबादी की उम्र : सर्वेक्षण

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एक नवीनतम सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब 25 साल या अधिक उम्र का है। भारत के महा पंजीयक एवं जनगणना आयुक्त द्वारा तैयार हाल में जारी नमूना पंजीकरण तंत्र 2018 में कहा गया है कि 25 साल से कम उम्र के लोगों का देश की आबादी में 46.9 प्रतिशत हिस्सा है।

इसके मुताबिक 25 साल से कम उम्र की आबादी में 47.4 प्रतिशत पुरुष और 46.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। हालांकि बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इस आयु वर्ग में आबादी राष्ट्रीय औसत से थोड़ा अधिक है।

आबादी की तुलना में सबसे अधिक 3.2 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ बिहार में 25 साल से कम उम्र की आबादी 57.2 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में 25 साल से कम उम्र की 52.7 प्रतिशत आबादी है। कुल 2.9 प्रतिशत के साथ देश में प्रजनन दर के मामले में यह दूसरे स्थान पर है।

केरल में 1.7 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ 25 साल से कम की 37.4 प्रतिशत आबादी है। प्रति महिला के हिसाब से बच्चों की औसत संख्या के आधार पर प्रजनन दर की गणना की जाती है। सर्वेक्षण के अनुसार शहरी इलाकों में कम प्रजनन दर के कारण 25 साल से नीचे की आबादी ग्रामीण इलाकों की तुलना में कम है।

बिहार 26.2 प्रतिशत के साथ जन्म दर के मामले में शीर्ष पर है और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सबसे कम 11.2 प्रतिशत जन्म दर है। छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर सबसे अधिक आठ प्रतिशत है और सबसे कम दिल्ली में 3.3 प्रतिशत है।

जन्म दर की गणना प्रति एक हजार जनसंख्या पर की जाती है। पिछले चार दशकों में देश में मृत्यु दर में गिरावट आई है। वर्ष 1971 में यह दर 14.9 प्रतिशत थी जो 2018 में 6.2 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट में कमी आई है। पिछले दशक में अखिल भारतीय स्तर पर मृत्यु दर 7.3 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत हो गई।

एक नवीनतम सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की आबादी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब 25 साल या अधिक उम्र का है। भारत के महा पंजीयक एवं जनगणना आयुक्त द्वारा तैयार हाल में जारी नमूना पंजीकरण तंत्र 2018 में कहा गया है कि 25 साल से कम उम्र के लोगों का देश की आबादी में 46.9 प्रतिशत हिस्सा है।

इसके मुताबिक 25 साल से कम उम्र की आबादी में 47.4 प्रतिशत पुरुष और 46.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। हालांकि बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इस आयु वर्ग में आबादी राष्ट्रीय औसत से थोड़ा अधिक है।

आबादी की तुलना में सबसे अधिक 3.2 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ बिहार में 25 साल से कम उम्र की आबादी 57.2 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में 25 साल से कम उम्र की 52.7 प्रतिशत आबादी है। कुल 2.9 प्रतिशत के साथ देश में प्रजनन दर के मामले में यह दूसरे स्थान पर है।

केरल में 1.7 प्रतिशत प्रजनन दर के साथ 25 साल से कम की 37.4 प्रतिशत आबादी है। प्रति महिला के हिसाब से बच्चों की औसत संख्या के आधार पर प्रजनन दर की गणना की जाती है। सर्वेक्षण के अनुसार शहरी इलाकों में कम प्रजनन दर के कारण 25 साल से नीचे की आबादी ग्रामीण इलाकों की तुलना में कम है।

बिहार 26.2 प्रतिशत के साथ जन्म दर के मामले में शीर्ष पर है और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सबसे कम 11.2 प्रतिशत जन्म दर है। छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर सबसे अधिक आठ प्रतिशत है और सबसे कम दिल्ली में 3.3 प्रतिशत है।

जन्म दर की गणना प्रति एक हजार जनसंख्या पर की जाती है। पिछले चार दशकों में देश में मृत्यु दर में गिरावट आई है। वर्ष 1971 में यह दर 14.9 प्रतिशत थी जो 2018 में 6.2 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट में कमी आई है। पिछले दशक में अखिल भारतीय स्तर पर मृत्यु दर 7.3 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत हो गई।



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Microsoft Is Preparing To Build Campus In Greater Noida – ग्रेटर नोएडा में कैंपस बनाने की तैयारी कर रहा है माइक्रोसॉफ्ट, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद

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अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:43 PM IST

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आईटी क्षेत्र में विश्व की नामी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा या यीडा सिटी में 100 एकड़ एरिया में अपना कैंपस बनाने की तैयारी कर रही है। यहां निवेश के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी हुई। खुद मंत्री ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। कंपनी के प्रतिनिधि दोनों प्राधिकरणों के भी संपर्क में हैं। कंपनी यहां निवेश करती है तो इस एरिया में बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी।

नोएडा एयरपोर्ट के चलते बड़े पैमाने पर देश की और विदेशों की बड़ी कंपनियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के एरिया में निवेश करना चाह रही हैं। ये कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ ही तीनों प्राधिकरणों से भी संपर्क साध रही हैं। इसी कड़ी में अब माइक्रोसॉफ्ट का भी नाम जुड़ गया है। कंपनी करीब 100 एकड़ जमीन लेना चाह रही है। वह इस प्लांट को रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करना चाहती है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के प्रतिनिधियों से बात हुई है। प्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेेश सरकार की तरफ से अमेरिका में किए गए वर्चुअल रोड शो का नतीजा है। वहीं, जानकार बताते हैं कि अगर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी यहां प्लांट लगाती है तो यह न सिर्फ इस जिले के लिए बल्कि प्रदेश के लिए बहुत बड़ा निवेश होगा। सूत्र बताते हैं कि कंपनी का झुकाव इससे पहले चीन की तरफ था, लेकिन कोरोना संकट के चलते कंपनी ने भारत की तरफ रुख किया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा में विप्रो और एनआईआईटी के रिसर्च सेंटर हैं। माइक्रोसॉफ्ट का आना ग्रेनो के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

आईटी क्षेत्र में विश्व की नामी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा या यीडा सिटी में 100 एकड़ एरिया में अपना कैंपस बनाने की तैयारी कर रही है। यहां निवेश के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी हुई। खुद मंत्री ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। कंपनी के प्रतिनिधि दोनों प्राधिकरणों के भी संपर्क में हैं। कंपनी यहां निवेश करती है तो इस एरिया में बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना बढ़ जाएगी।

नोएडा एयरपोर्ट के चलते बड़े पैमाने पर देश की और विदेशों की बड़ी कंपनियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के एरिया में निवेश करना चाह रही हैं। ये कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ ही तीनों प्राधिकरणों से भी संपर्क साध रही हैं। इसी कड़ी में अब माइक्रोसॉफ्ट का भी नाम जुड़ गया है। कंपनी करीब 100 एकड़ जमीन लेना चाह रही है। वह इस प्लांट को रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करना चाहती है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के प्रतिनिधियों से बात हुई है। प्रदेश सरकार उनका स्वागत करती है।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेेश सरकार की तरफ से अमेरिका में किए गए वर्चुअल रोड शो का नतीजा है। वहीं, जानकार बताते हैं कि अगर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी यहां प्लांट लगाती है तो यह न सिर्फ इस जिले के लिए बल्कि प्रदेश के लिए बहुत बड़ा निवेश होगा। सूत्र बताते हैं कि कंपनी का झुकाव इससे पहले चीन की तरफ था, लेकिन कोरोना संकट के चलते कंपनी ने भारत की तरफ रुख किया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा में विप्रो और एनआईआईटी के रिसर्च सेंटर हैं। माइक्रोसॉफ्ट का आना ग्रेनो के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।



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Punjab News In Hindi: Hero Cycles Gave Big Blow To China – चीन को बड़ा झटका: हीरो साइकिल ने रद्द किया 900 करोड़ का ऑर्डर, जर्मनी बना विकल्प

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:42 PM IST

एमडी पंकज मुंजाल।
– फोटो : फाइल फोटो

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गलवां में चीन के साथ हिंसक झड़प के बाद मोदी सरकार ने डिजिटल स्ट्राइक कर 59 चाइनीज एप को बंद कर दिया है। वहीं हीरो साइकिल भी चीन को झटका देने के लिए तैयार है। हीरो साइकिल के एमडी पंकज मुंजाल ने चीन के साथ 900 करोड़ का व्यापार रद्द करने की बात कही है। मुंजाल की इस घोषणा को सीधे चीन पर ट्रेड स्ट्राइक माना जा रहा है।

बता दें कि हीरो साइकिल की तरफ से हाईएंड साइकिल निर्माण के लिए चीन से काफी पार्ट्स आयात किए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार हर साल लगभग 300 करोड़ का कारोबार चीन के साथ होता है। अभी चीन से लगभग 900 करोड़ रुपये के पार्ट्स खरीदे जाने थे। इससे पहले हीरो साइकिल ने ट्रेड स्ट्राइक करते इस व्यापार को रद्द कर दिया है। 

एमडी पंकज मुंजाल ने बताया कि हीरो साइकिल ने यह बड़ा अहम फैसला लिया है। चीन से हर साल हम 300 करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं, उन्हें तीन या चार साल का एक साथ कांट्रैक्ट देते हैं। इस समय 900 करोड़ के ऑर्डर चीन को दिए गए थे, जिन्हें हीरो ने रद्द कर दिया है। इन पार्ट्स को जर्मनी में तैयार किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान जर्मनी में इनके डिजाइन तैयार हो चुके हैं। 

लेबर अभी वापस नहीं आना चाहती
मुंजाल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद साइकिल की डिमांड बढ़ी है। जिम बंद हैं, इसलिए साइकिल फिटनेस के लिए अच्छी पसंद है। जुलाई के दौरान हीरो चार लाख डोमेस्टिक व्हीकल तैयार करेगा। अगर लोकल मार्केट की बात करे तो हमारे टीयर टू सप्लायर के पास अभी मजदूरों की कमी है। मजदूर अभी वापस आना भी नहीं चाह रहे हैं, क्योंकि उन्हें फिर से लॉकडाउन होने का डर सता रहा है। गांव धनांसू में बनने जा रही हीरो साइकिल वैली 15 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी।

गलवां में चीन के साथ हिंसक झड़प के बाद मोदी सरकार ने डिजिटल स्ट्राइक कर 59 चाइनीज एप को बंद कर दिया है। वहीं हीरो साइकिल भी चीन को झटका देने के लिए तैयार है। हीरो साइकिल के एमडी पंकज मुंजाल ने चीन के साथ 900 करोड़ का व्यापार रद्द करने की बात कही है। मुंजाल की इस घोषणा को सीधे चीन पर ट्रेड स्ट्राइक माना जा रहा है।

बता दें कि हीरो साइकिल की तरफ से हाईएंड साइकिल निर्माण के लिए चीन से काफी पार्ट्स आयात किए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार हर साल लगभग 300 करोड़ का कारोबार चीन के साथ होता है। अभी चीन से लगभग 900 करोड़ रुपये के पार्ट्स खरीदे जाने थे। इससे पहले हीरो साइकिल ने ट्रेड स्ट्राइक करते इस व्यापार को रद्द कर दिया है। 

एमडी पंकज मुंजाल ने बताया कि हीरो साइकिल ने यह बड़ा अहम फैसला लिया है। चीन से हर साल हम 300 करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं, उन्हें तीन या चार साल का एक साथ कांट्रैक्ट देते हैं। इस समय 900 करोड़ के ऑर्डर चीन को दिए गए थे, जिन्हें हीरो ने रद्द कर दिया है। इन पार्ट्स को जर्मनी में तैयार किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान जर्मनी में इनके डिजाइन तैयार हो चुके हैं। 

लेबर अभी वापस नहीं आना चाहती
मुंजाल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद साइकिल की डिमांड बढ़ी है। जिम बंद हैं, इसलिए साइकिल फिटनेस के लिए अच्छी पसंद है। जुलाई के दौरान हीरो चार लाख डोमेस्टिक व्हीकल तैयार करेगा। अगर लोकल मार्केट की बात करे तो हमारे टीयर टू सप्लायर के पास अभी मजदूरों की कमी है। मजदूर अभी वापस आना भी नहीं चाह रहे हैं, क्योंकि उन्हें फिर से लॉकडाउन होने का डर सता रहा है। गांव धनांसू में बनने जा रही हीरो साइकिल वैली 15 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी।



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Coronavirus In Delhi 2520 New Cases 59 Death Total Tally Crosses 94 Thousand Mark  – दिल्ली में कोरोना के 2520 नए मामले, 59 की मौत, कुल संक्रमित 94 हजार के पार 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:59 PM IST

दिल्ली में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 2520 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 59 लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार को राजधानी में 2617 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 94645 हो गई है। अब तक 65624 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से राजधानी में अब तक 2923 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अभी 26148 सक्रिय मामले हैं।
 

दिल्ली सरकार ने जानकारी दी कि शुक्रवार को 10577 आरटी-पीसीआर और 13588 रैपिड एंटीजन जांच की गई। दिल्ली में अब तक 5,96,695 कोरोना जांच की गई हैं। 

सीएम केजरीवाल ने डॉक्टर असीम के परिवार को दी एक करोड़ की सम्मान राशि

कोरोना वायरस से लोकनायक अस्पताल के जिस डॉक्टर असीम गुप्ता की मौत हुई थी आज दिल्ली के सीएम उनके परिवार से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने डॉ. असीम के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की।

केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि आज डॉ. असीम के परिवार से मिला, जिनकी मौत कोरोना के कारण हो गई थी। हम ‘जनता के डॉक्टर’ को किसी तरह वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके परिवारों के लिए कुछ करें जिन्होंने हमारे लिए अपनी जान दे दी। आज हमने उनके परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि भी दी।

डॉ. असीम गुप्ता एलएनजेपी अस्पताल में एनेस्थेलॉजिस्ट थे। उनकी ड्यूटी आईसीयू में थी। पिछले कुछ महीनों से करोना के मरीजों का इलाज करने की उनकी ड्यूटी चल रही थी। उन्हें भी कोरोना हो गया और उनकी मृत्यु हो गई। अरविंद केजरीवाल शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर गुप्ता के दिलशाद गार्डन स्थित आवास पहुंचे थे।

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 2520 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 59 लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार को राजधानी में 2617 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 94645 हो गई है। अब तक 65624 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से राजधानी में अब तक 2923 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अभी 26148 सक्रिय मामले हैं।

 

दिल्ली सरकार ने जानकारी दी कि शुक्रवार को 10577 आरटी-पीसीआर और 13588 रैपिड एंटीजन जांच की गई। दिल्ली में अब तक 5,96,695 कोरोना जांच की गई हैं। 

सीएम केजरीवाल ने डॉक्टर असीम के परिवार को दी एक करोड़ की सम्मान राशि

कोरोना वायरस से लोकनायक अस्पताल के जिस डॉक्टर असीम गुप्ता की मौत हुई थी आज दिल्ली के सीएम उनके परिवार से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने डॉ. असीम के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की।

केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि आज डॉ. असीम के परिवार से मिला, जिनकी मौत कोरोना के कारण हो गई थी। हम ‘जनता के डॉक्टर’ को किसी तरह वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके परिवारों के लिए कुछ करें जिन्होंने हमारे लिए अपनी जान दे दी। आज हमने उनके परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि भी दी।

डॉ. असीम गुप्ता एलएनजेपी अस्पताल में एनेस्थेलॉजिस्ट थे। उनकी ड्यूटी आईसीयू में थी। पिछले कुछ महीनों से करोना के मरीजों का इलाज करने की उनकी ड्यूटी चल रही थी। उन्हें भी कोरोना हो गया और उनकी मृत्यु हो गई। अरविंद केजरीवाल शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर गुप्ता के दिलशाद गार्डन स्थित आवास पहुंचे थे।





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Meeting Chaired By Hm Amit Shah On Preparedness To Tackle Flood Situation In Different Parts Of Country – असमः पीएम मोदी का एलान, बाढ़ से मरने वाले लोगों के परिवार को मिलेगी दो लाख की आर्थिक मदद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:30 PM IST

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बात की और उन्हें केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल जी से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा की। साथ ही बाढ़ से मरने वाले शख्स के परिवार को दो लाख रुपये की मदद का एलान किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ये फंड जारी किए जाएंगे।

देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संबंधित अधिकारियों के साथ शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गृहमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ में राहत कार्य के लिए ऐसी योजना बनाएं, जिससे जीवन और संपत्ति का नुकसान कम हो। उन्होंने देश के प्रमुख बाढ़ वाले इलाकों में जल स्तर में वृद्धि के पूर्वानुमान के लिए स्थायी व्यवस्था पर जोर दिया।
 

मानसून की बारिश से नदियों का उफान अपने दायरों से बाहर निकलने लगा है। असम में बारिश और बाढ़ ने लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। असम के 33 में से 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

वहीं, बिहार में भी कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अमित शाह ने हाल ही में बिहार और असम के मुख्यमंत्रियों से बाढ़ की स्थिति को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने राज्यों से कहा था कि केंद्र की ओर से उन्हें हर तरह की मदद मुहैया कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बात की और उन्हें केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल जी से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा की। साथ ही बाढ़ से मरने वाले शख्स के परिवार को दो लाख रुपये की मदद का एलान किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ये फंड जारी किए जाएंगे।

देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संबंधित अधिकारियों के साथ शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गृहमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ में राहत कार्य के लिए ऐसी योजना बनाएं, जिससे जीवन और संपत्ति का नुकसान कम हो। उन्होंने देश के प्रमुख बाढ़ वाले इलाकों में जल स्तर में वृद्धि के पूर्वानुमान के लिए स्थायी व्यवस्था पर जोर दिया।

 

मानसून की बारिश से नदियों का उफान अपने दायरों से बाहर निकलने लगा है। असम में बारिश और बाढ़ ने लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। असम के 33 में से 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

वहीं, बिहार में भी कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अमित शाह ने हाल ही में बिहार और असम के मुख्यमंत्रियों से बाढ़ की स्थिति को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने राज्यों से कहा था कि केंद्र की ओर से उन्हें हर तरह की मदद मुहैया कराई जाएगी।





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10 Thousand Education Material Will Be Available Online For Delhi Students – अब दिल्ली के छात्र करेंगे ‘लीड’, ऑनलाइन उपलब्ध होंगी 10 हजार शिक्षण सामग्री

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:32 PM IST

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शिक्षा के मामले में कई बार नए मापदंड गढ़ चुके दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को लीड पोर्टल लांच किया। इस पोर्टल पर दिल्ली के पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 10 हजार शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी।

इसके माध्यम से बच्चे स्कूलों के न खुलने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पाठ्य सामग्री को लगातार अपडेट रखने के लिए 25 सदस्यों की एक विशेष टीम इस पर लगातार काम करती रहेगी।

इस पोर्टल पर सीबीएसई, एनसीआरटी और दिल्ली सरकार की कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली हर सामग्री उपलब्ध होगी। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बच्चों की शिक्षा का स्तर चेक करने के लिए पोर्टल पर प्रश्न पत्र भी उपलब्ध होंगे।

हालांकि, सरकार के इस प्रयास के बाद भी उन बच्चों की पढ़ाई आगे बढ़ाने में बाधा आ सकती है जिनके पास इन्टरनेट सेवा, लैपटॉप या अच्छे स्मार्ट फोन नहीं हैं। सरकार ने ऐसे छात्रों के भविष्य को भी ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए कहा है। ऐसे छात्रों को सिस्टम उपलब्ध कराने पर भी विचार करने की संभावना है।   

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने लीड (Learning through e-resources made accessible for Delhi) पोर्टल को लांच करने के अवसर पर कहा है कि कोरोना काल में स्कूलों के बंद रहने के बाद भी बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाना बेहद जरुरी हो गया है।

इसके लिए पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू की गई थी, लेकिन अभी स्कूलों को खोलने के बारे में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। यही कारण है कि अब बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए लीड पोर्टल के माध्यम से हर बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित की जायेगी।   

 हैपीनेस क्लास का करिकुलम भी
दिल्ली के स्कूली छात्रों को तनाव से बचाने के लिए शुरू किया गया हैपीनेस करिकुलम इस समय ज्यादा ही उपयोगी हो गया है क्योंकि बच्चे इस समय कहीं घूमने नहीं जा पा रहे हैं और घर में बैठे-बैठे उन पर तनाव भारी पड़ रहा है। बच्चों की इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने लीड पोर्टल पर हैपीनेस करिकुलम को भी जगह दिया है।

शिक्षा के मामले में कई बार नए मापदंड गढ़ चुके दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को लीड पोर्टल लांच किया। इस पोर्टल पर दिल्ली के पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 10 हजार शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी।

इसके माध्यम से बच्चे स्कूलों के न खुलने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पाठ्य सामग्री को लगातार अपडेट रखने के लिए 25 सदस्यों की एक विशेष टीम इस पर लगातार काम करती रहेगी।

इस पोर्टल पर सीबीएसई, एनसीआरटी और दिल्ली सरकार की कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली हर सामग्री उपलब्ध होगी। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बच्चों की शिक्षा का स्तर चेक करने के लिए पोर्टल पर प्रश्न पत्र भी उपलब्ध होंगे।

हालांकि, सरकार के इस प्रयास के बाद भी उन बच्चों की पढ़ाई आगे बढ़ाने में बाधा आ सकती है जिनके पास इन्टरनेट सेवा, लैपटॉप या अच्छे स्मार्ट फोन नहीं हैं। सरकार ने ऐसे छात्रों के भविष्य को भी ध्यान में रखकर योजना बनाने के लिए कहा है। ऐसे छात्रों को सिस्टम उपलब्ध कराने पर भी विचार करने की संभावना है।   

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने लीड (Learning through e-resources made accessible for Delhi) पोर्टल को लांच करने के अवसर पर कहा है कि कोरोना काल में स्कूलों के बंद रहने के बाद भी बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाना बेहद जरुरी हो गया है।

इसके लिए पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू की गई थी, लेकिन अभी स्कूलों को खोलने के बारे में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। यही कारण है कि अब बच्चों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए लीड पोर्टल के माध्यम से हर बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित की जायेगी।   

 हैपीनेस क्लास का करिकुलम भी
दिल्ली के स्कूली छात्रों को तनाव से बचाने के लिए शुरू किया गया हैपीनेस करिकुलम इस समय ज्यादा ही उपयोगी हो गया है क्योंकि बच्चे इस समय कहीं घूमने नहीं जा पा रहे हैं और घर में बैठे-बैठे उन पर तनाव भारी पड़ रहा है। बच्चों की इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने लीड पोर्टल पर हैपीनेस करिकुलम को भी जगह दिया है।



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Crpf Told Home Ministry That It Does Not Have Any Problem Regarding Appointment Of Transgenders In Force – सीआरपीएफ को ट्रांसजेंडर अधिकारी से कोई गुरेज नहीं, भर्ती को लेकर गृह मंत्रालय को दी अपनी राय

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डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:36 PM IST

सीआरपीएफ के जवान (फाइल फोटो)
– फोटो : CRPF Facebook

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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में बतौर सहायक कमांडेंट के पद पर ट्रांसजेंडर की भर्ती को लेकर सीआरपीएफ ने अपनी राय दे दी है। इसमें कहा गया है कि देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल को ट्रांसजेंडर अधिकारी की भर्ती से कोई गुरेज नहीं है। बल ने शुक्रवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपना जवाब भेज दिया है। 

इस जवाब में कहा गया है कि ‘हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भावना को पूरी तरह से महत्व देते हैं। सीआरपीएफ में पहले से ही जेंडर तटस्थ काम का माहौल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नीतिगत दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए, हम इसे जरूरत के अनुसार और ज्यादा अनुकूल बनाएंगे।’

बता दें कि केंद्र सरकार, अर्धसैनिक बलों में ट्रांसजेंडर की भर्ती पर विचार कर रही है। संघ लोक सेवा आयोग के जरिए सहायक कमांडेंट के पद पर यह भर्ती होगी। ट्रांसजेंडर को यूपीएससी की वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय से राय मांगी गई है। 

केंद्र सरकार ने गत वर्ष ट्रांसजेंडर व्यक्ति से जुड़े (अधिकारों का संरक्षण) कानून को अधिसूचित किया था। इसमें कहा गया था कि ट्रांसजेंडर को सभी क्षेत्रों और सेवाओं में एक समान अवसर दिया जाना जरूरी है। इसके चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल से राय मांगी थी।

इसमें यह भी पूछा गया था कि सीएपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर भर्ती के लिए यूपीएससी जो परीक्षा आयोजित करती है, उसकी अधिसूचना में ट्रांसजेंडर श्रेणी को शामिल किया जाए या नहीं। इसी के तहत सीआरपीएफ ने अपना जवाब दिया है।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में बतौर सहायक कमांडेंट के पद पर ट्रांसजेंडर की भर्ती को लेकर सीआरपीएफ ने अपनी राय दे दी है। इसमें कहा गया है कि देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल को ट्रांसजेंडर अधिकारी की भर्ती से कोई गुरेज नहीं है। बल ने शुक्रवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपना जवाब भेज दिया है। 

इस जवाब में कहा गया है कि ‘हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भावना को पूरी तरह से महत्व देते हैं। सीआरपीएफ में पहले से ही जेंडर तटस्थ काम का माहौल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नीतिगत दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए, हम इसे जरूरत के अनुसार और ज्यादा अनुकूल बनाएंगे।’

बता दें कि केंद्र सरकार, अर्धसैनिक बलों में ट्रांसजेंडर की भर्ती पर विचार कर रही है। संघ लोक सेवा आयोग के जरिए सहायक कमांडेंट के पद पर यह भर्ती होगी। ट्रांसजेंडर को यूपीएससी की वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय से राय मांगी गई है। 

केंद्र सरकार ने गत वर्ष ट्रांसजेंडर व्यक्ति से जुड़े (अधिकारों का संरक्षण) कानून को अधिसूचित किया था। इसमें कहा गया था कि ट्रांसजेंडर को सभी क्षेत्रों और सेवाओं में एक समान अवसर दिया जाना जरूरी है। इसके चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल से राय मांगी थी।

इसमें यह भी पूछा गया था कि सीएपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर भर्ती के लिए यूपीएससी जो परीक्षा आयोजित करती है, उसकी अधिसूचना में ट्रांसजेंडर श्रेणी को शामिल किया जाए या नहीं। इसी के तहत सीआरपीएफ ने अपना जवाब दिया है।



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Pakistan Foreign Minister Shah Mahmood Qureshi Tests Positive For Coronavirus – पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी हुए संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:15 PM IST

शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

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कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है। दिन-ब-दिन इस वायरस का कहर और बढ़ता ही जा रहा है। शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो इस खतरनाक वायरस से अछूता होगा।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हालात तो और खराब हैं। वहां भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच खबर है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए दी है।

शाह महमूद कुरैशी ने ट्वीट करते लिखा, ‘दोपहर को मुझे हल्का बुखार महसूस हुआ और मैंने तुरंत ही घर पर खुद को क्वारंटीन कर लिया। मैं कोरोना से पॉजिटिव पाया गया हूं। अल्लाह की कृपा से मैं मजबूत और ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। मैं घर से ही अपनी ड्यूटी को निभाना जारी रखूंगा। कृपया मेरे लिए प्रार्थना करें।’

बता दें कि पाकिस्तान में रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। पाकिस्तान में अब तक 2.20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4500 से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी है।

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है। दिन-ब-दिन इस वायरस का कहर और बढ़ता ही जा रहा है। शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो इस खतरनाक वायरस से अछूता होगा।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हालात तो और खराब हैं। वहां भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच खबर है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए दी है।

शाह महमूद कुरैशी ने ट्वीट करते लिखा, ‘दोपहर को मुझे हल्का बुखार महसूस हुआ और मैंने तुरंत ही घर पर खुद को क्वारंटीन कर लिया। मैं कोरोना से पॉजिटिव पाया गया हूं। अल्लाह की कृपा से मैं मजबूत और ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। मैं घर से ही अपनी ड्यूटी को निभाना जारी रखूंगा। कृपया मेरे लिए प्रार्थना करें।’

बता दें कि पाकिस्तान में रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। पाकिस्तान में अब तक 2.20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4500 से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी है।





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