New Education Policy Draft Drops The Chinese From Foreign Language List – नई शिक्षा नीति में ‘चीनी’ को विदेशी भाषा की सूची से हटाया गया

0
3


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Aug 2020 10:06 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति से ‘चीनी’ को विदेशी भाषा की सूची से हटा लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में माध्यमिक स्कूल स्तर पर छात्रों को दी जाने वाली विदेशी भाषाओं की सूची में चीनी भाषा को लिस्ट से बाहर कर दिया गया। अब नई शिक्षा नीति के तहत ‘दुनिया की संस्कृति को सीखने और वैश्विक ज्ञान में बढ़ोतरी के लिए छात्र अपनी इच्छा के अनुसार  कोरियन, जापानी, थाई, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, पुर्तगाली और रशियन भाषा का चुनाव कर सकते हैं।  

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल द्वारा इस सप्ताह शुरू किए गए एनईपी के फाइनल संस्करण में इन विदेशी भाषाओं को सूची में शामिल किया गया है। 2019 में रिलीज हुए ड्राफ्ट चीनी भाषा को सूची में शामिल किया गया था। इसमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, जापानी का जिक्र वैकल्पिक विदेशी भाषा के तौर पर किया गया था। बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई नई नीति से चीनी भाषा को निकाल दिया गया है।

माना जा रहा है कि सीमा पर भारत-चीन के बीच जारी तनाव के चलते यह कदम उठाया गया है। 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। तब से अभी तक दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जारी है। भारत सरकार ने टिकटॉक और वीचैट जैसे 100 से अधिक चीनी एप को भी प्रतिबंधित कर दिया है। सरकार ने कहा कि ये सभी चीनी एप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा थे। इसलिए इन्हें बैन किया गया। 

 

केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति से ‘चीनी’ को विदेशी भाषा की सूची से हटा लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में माध्यमिक स्कूल स्तर पर छात्रों को दी जाने वाली विदेशी भाषाओं की सूची में चीनी भाषा को लिस्ट से बाहर कर दिया गया। अब नई शिक्षा नीति के तहत ‘दुनिया की संस्कृति को सीखने और वैश्विक ज्ञान में बढ़ोतरी के लिए छात्र अपनी इच्छा के अनुसार  कोरियन, जापानी, थाई, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, पुर्तगाली और रशियन भाषा का चुनाव कर सकते हैं।  

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल द्वारा इस सप्ताह शुरू किए गए एनईपी के फाइनल संस्करण में इन विदेशी भाषाओं को सूची में शामिल किया गया है। 2019 में रिलीज हुए ड्राफ्ट चीनी भाषा को सूची में शामिल किया गया था। इसमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, जापानी का जिक्र वैकल्पिक विदेशी भाषा के तौर पर किया गया था। बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई नई नीति से चीनी भाषा को निकाल दिया गया है।

माना जा रहा है कि सीमा पर भारत-चीन के बीच जारी तनाव के चलते यह कदम उठाया गया है। 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। तब से अभी तक दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जारी है। भारत सरकार ने टिकटॉक और वीचैट जैसे 100 से अधिक चीनी एप को भी प्रतिबंधित कर दिया है। सरकार ने कहा कि ये सभी चीनी एप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा थे। इसलिए इन्हें बैन किया गया। 

 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here