Jharkhand Pocso Court Sentenced Death Punishment 3 Convicts For Misdeed Murder Of 6 Year Old Girl – झारखंड: छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में तीन दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Updated Tue, 03 Mar 2020 05:11 PM IST

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झारखंड के दुमका जिले में छह साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पोक्सो कोर्ट ने तीन आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। मामला रामगढ़ प्रखंड का है, जहां विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने यह फैसला दिया है। 
 

सोमवार को इस मामले में देर रात तक सुनवाई हुई और 16 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को मौत की सजा सुनाई। ऐसा पहली बार है कि राज्य में इस तरह के किसी मामले में कोर्ट ने महज 28 दिनों में सजा सुनाई हो। 

चाचा ने दो साथियों के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम
दरअसल, सरस्वती पूजा के मौके पर लगे मेले को देखने के लिए बच्ची पांच फरवरी को अपने ननिहाल गई थी। शाम के समय उसका चाचा मिठू राय उसे मेला देखने के बहाने ले गया। इसके बाद मिठू और उसके दो साथियों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने दुष्कर्म करने के बाद बच्ची की हत्या कर दी और लाश को झाड़ियों में फेंक दिया। जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस ने सात फरवरी को बच्ची का शव बरामद किया। 

आरोपी चाचा को ठाणे से किया गया गिरफ्तार
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चाचा घरवालों के साथ मिलकर बच्ची को ढूंढ़ने का नाटक करने लगा, इससे घर के किसी सदस्य को उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस की खोजबीन में जब बच्ची का शव बरामद हुआ तो पुलिस को उसके चाचा पर शक हुआ। इसके बाद चाचा मिठू राय गांव छोड़कर मुंबई भाग गया। 

पुलिस ने आरोपी की सूचना ठाणे पुलिस को दी जिसके बाद आरोपी चाचा को कल्याण स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पुलिस के आगे अपना आरोप कबूल लिया और साथ ही इस घटना में शामिल अन्य दो आरोपियों के नामों का खुलासा भी किया। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बाकी दो आरोपी पंकज राय और अशोक राय को पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया गया था।

झारखंड के दुमका जिले में छह साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पोक्सो कोर्ट ने तीन आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। मामला रामगढ़ प्रखंड का है, जहां विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने यह फैसला दिया है। 

 

सोमवार को इस मामले में देर रात तक सुनवाई हुई और 16 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को मौत की सजा सुनाई। ऐसा पहली बार है कि राज्य में इस तरह के किसी मामले में कोर्ट ने महज 28 दिनों में सजा सुनाई हो। 

चाचा ने दो साथियों के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम
दरअसल, सरस्वती पूजा के मौके पर लगे मेले को देखने के लिए बच्ची पांच फरवरी को अपने ननिहाल गई थी। शाम के समय उसका चाचा मिठू राय उसे मेला देखने के बहाने ले गया। इसके बाद मिठू और उसके दो साथियों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने दुष्कर्म करने के बाद बच्ची की हत्या कर दी और लाश को झाड़ियों में फेंक दिया। जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस ने सात फरवरी को बच्ची का शव बरामद किया। 

आरोपी चाचा को ठाणे से किया गया गिरफ्तार
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चाचा घरवालों के साथ मिलकर बच्ची को ढूंढ़ने का नाटक करने लगा, इससे घर के किसी सदस्य को उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस की खोजबीन में जब बच्ची का शव बरामद हुआ तो पुलिस को उसके चाचा पर शक हुआ। इसके बाद चाचा मिठू राय गांव छोड़कर मुंबई भाग गया। 

पुलिस ने आरोपी की सूचना ठाणे पुलिस को दी जिसके बाद आरोपी चाचा को कल्याण स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पुलिस के आगे अपना आरोप कबूल लिया और साथ ही इस घटना में शामिल अन्य दो आरोपियों के नामों का खुलासा भी किया। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बाकी दो आरोपी पंकज राय और अशोक राय को पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया गया था।





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