Highlights Of Himachal Budget 2020 Presented By Cm Jairam Thakur At Shimla – Himachal Budget 2020: जयराम सरकार का तीसरा बजट, पढ़ें किसे क्या मिला

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बजट पेश करने जाते सीएम जयराम
– फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। तेरहवीं विधानसभा के इस बजट सत्र में बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 7900 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। जोकि वित्त वर्ष 2019-20 के योजना आकार से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है।

 

बजट में 1990 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति उपयोजना, 711 करोड़ रुपये जनजाति उपयोजना व 88 करोड़ रुपये पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना के लिए प्रस्तावित है। बजट में सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों व स्वायत निकायों के नियमित, अंशकालिक, अनुबंध व दैनिक भोगी कर्मचारियों की व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के बीमा कवर को बढ़ाने की घोषणा की गई।

 

दुर्घटना होने पर सुनिश्चित बीमा राशि को मृत्यु अथवा पूर्ण विकलांगता पर दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये बढ़ाया जाएगा। आंशिक क्षति की स्थिति में यह राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।  इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को थोड़ा सा अधिक प्रीमियम देना होगा। वर्तमान में 70 प्रतिशत से अधिक अस्थिबाधित विकलांग व दृष्टिहीन सरकारी कर्मचारियों को 500 रुपये की दर से वाहन भत्ता दिया जा रहा है।

 

बजट में वाहन भत्ते की दर को 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह करने की की घोषणा की गई। अवैध खनन पर पैनी नजर रखने के लिए प्रदेश के खनन की शिकायतें आने वाले स्थानों में10 समर्पित खनन चेक पोस्ट स्थापित करने की जाएंगी ताकि अवैध खनन को रोका जा सके। इनका संचालन संयुक्त रूप से उद्योग व पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा। 

 

अटल पेंशन योजना के तहत अभी 86 000 मनरेगा कार्यकर्ता, कृषि-बागवानी कामगार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, मिड डे मील कार्यकर्ता इत्यादि लाभ ले रहे हैं। वर्तमान लाभार्थियों और नए लोगों को पेंशन सुविधा का लाभ लेने के लिए इस योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने की घोषणा की गई। वर्ष 2020-21 में इसके लिए 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी, आशा, जल वाहक, वाटर गार्ड, मिड डे मील, सिलाई अध्यापिकाओं आदि को भी बीमा योजना में शामिल किया जाएगा।

दो हजार बढ़ा युद्ध जागीर लाभार्थियों का अनुदान
शिमला। मुख्यमंत्री ने अपने बजट में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। इसके तहत युद्ध जागीर के लाभार्थियों को मिलने वाली वार्षिक अनुदान राशि को पांच से बढ़ाकर सात हजार रुपये किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में जहां भी पूर्व सैनिकों के लिए आर्मी कैंटीन की व्यवस्था नहीं है, वहां पर कैंटीन या विस्तार काउंटर खोलने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी। इसके लिए अस्थायी लागत सहित बुनियादी ढांचा राज्य सरकार खुद उपलब्ध कराएगी। जनजातीय क्षेत्रों विकास के लिए वर्ष 2020-21में 1,758 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

स्कूलों में स्वस्थ बचपन योजना शुरू होगी
सरकार ने प्राथमिक पाठशालाओं में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। इन सभी प्री प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को दोपहर के भोजन की व्यवस्था के लिए एक नई योजना ‘स्वस्थ बचपन’ शुरू की जाएगी। योजना के तहत बच्चों को स्कूलों में ही भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पहली से आठवीं तक के सभी बच्चों को सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त पौष्टिक आहार जैसे दूध या स्थानीय फल की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 11 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। 

किसानों-बागवानों को फसल बुआई से कटाई तक और इसके बाद ग्रेडिंग और पैकेजिंग मशीनों, परिवहन, भंडारण गोदाम जैसे बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है जिसके लिए दीर्घकालिक पूंजी की जरूरत रहती है। इसको सुदृढ़ करने के लिए 20 करोड़ रुपये का कृषि कोष बनाया जाएगा। कृषि कोष से 2022 तक 75000 से 90000 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में 80000 युवाओं को कौशल विकास भत्ते का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 10000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर बाजार की मांग के अनुसार रोजगार योग्य बनाएगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में लगे 10000 कामगारों के कौशल को भी चरणबद्ध तरीके सेउन्नत किया जाएगा। इससे उनको बेहतर रोज़गार अवसर मिलेंगे। 

3000 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा
नादौन मध्यम सिंचाई परियोजना के पूरा होने से लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। 2020-21 में फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे ताकि 4000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जा सके। 2020-21 में इस परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
 

राज्य में हेली टैक्सी को गति देने के लिए पांच नए हेलीपोर्टस का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा चंबा शहर को भी उड़ान-2 के तहत शामिल किया जाएगा। इन पांच हेलीपोर्ट को चलाने के बाद प्राप्त अनुभव के आधार पर चरणबद्ध तरीके से सभी जिला मुख्यालयों पर हेलीपोर्ट निर्मित किए जाएंगे।कांगड़ा के गगल और शिमला हवाई अड्डों के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राज्य सरकार कांगड़ा व शिमला के हवाई अड्डों के विस्तारीकरण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करवाएगी। मंडी में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के साथ समझौते ज्ञापन हस्ताक्षरित करने के बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इन हवाई अड्डों के विस्तार व मंडी में नए हवाई अड्डे के निर्माण से प्रदेश में पर्यटकों को यातायात के लिए वैकल्पिक साधन उपलब्ध होंगे।

हवाई अड्डों के विस्तार, निर्माण व हेलीपोर्टस के निर्माण हेतु 2020-21 के दौरान 1013 करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावित है। तत्तापानी से सलापड़ तक इंटरस्टेट जल यातायात सुविधा 2020-21 में जनता को समर्पित की जाएगी। बगलामुखी (मंडी) व नारकंडा से हाटू माता मंदिर तक दो रोप वे निर्माण प्रक्रिया को इस वर्ष शुरू किया जाएगा। 

ऑनलाइन होगा आबकारी एवं कराधान विभाग
शिमला। प्रदेश में राजस्व के बड़े माध्यम के तौर पर देखे जाने वाले आबकारी एवं कराधान विभाग को पूरी तर ऑनलाइन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान कहा कि जीएसटी प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा ताकि राजस्व में आवश्यक बढ़ोतरी और संसाधन लोक हित में उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही आबकारी व्यवस्था को भी पूरी तरह ऑनलाइन और सरल किया जाएगा ताकि, प्रक्रिया पारदर्शी बने और राजस्व में बढ़ोतरी बनी रहे।

प्रदेश के गरीब व पात्रों को नल, बिजली व शौचालय की सुविधा सहित एक घर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ‘जल जीवन मिशन’ और ‘रोशनी’ योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। पिछले बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सभी आवास योजनाओं के तहत 20 हजार रुपये प्रति लाभार्थी अतिरिक्त अनुदान देने की घोषणा की थी।

इस बार 20 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत भी प्रदान किया जाएगा।  आवास बनाने के लिए उपदान के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदन लंबित हैं। 2022 तक इन सभी लंबित पात्र आवेदकों को इस योजना के तहत लाभान्वित कर दिया जाएगा।

2020-21 में प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 10 हजार नए लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा जोकि पिछले वर्ष के लक्ष्य से दोगुना से भी अधिक है। इन आवासों का निर्माण निम्न घटकों से किया जाएगा।

1.अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों के लिए 5100 आवास जिसके लिए ‘स्वर्ण जयंती आश्रय योजना’ की घोषणा की गई है। 
2. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 3100 आवास।
3. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 1000 आवास।
4. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 800 आवास।
203. आवास के क्षेत्र में प्रदेष सरकार का यह एक
  इस मकसद के लिए 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 

राज्य में कुल 3 226 पंचायतों में से 3138 पंचायतों को मोटर योग्य सड़क से जोड़ा गया है। शेष बची 88 पंचायतों में से 49 को सड़कों से जोड़ने का कार्य चला है। बाकि बची 39 पंचायतों को भी सड़कों से जल्द ही जोड़ दिया जाएगा। पंचायतों के अतिरिक्त 100 से 249 तक की जनसंख्या वाली बस्तियों को भी सड़क से जोड़ने की प्राथमिकता है। ‘मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के तहत 55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इससे छूटे हुए गांवों व बस्तियों को सड़क से जोड़ा जाएगा। सड़कों से बर्फ को सुनियोजित तरीके से साफ करने के लिए आधुनिक मशीनरी जैसे स्नो ब्लोअर, आइस ब्रेकर, नमक और रेत स्प्रेयर खरीदे जाएंगे। सड़कों को पक्का करने के लिए 2020-21 में 500 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर नई प्रौद्योगिकी के तहत ठंडे तारकोल का इस्तेमाल किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा के मकसद से स्टील क्रैश बैरियर, सड़कों को चैड़ा करना व सड़कों और पुलों की सुरक्षा जांच आदि के लिए 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वार्षिक रखरखाव योजना के तहत 2278 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव के लिए 306 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सड़कों के रखरखाव के लिए प्लास्टिक वेस्ट का भी प्रयोग किया जाएगा।

इस साल 925 किलोमीटर वाहन योग्य कच्ची सड़कों, 900 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज,1800 किलोमीटर पक्की सड़कों, 75 पुलों का निर्माण व 90 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क निर्माण व रखरखाव के लिए 2020-21 में 3986 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान किया गया।  राज्य में वर्तमान में 37374 किलोमीटर वाहन योग्य सड़कें बना ली गई हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 67 गांवों को सड़कों से जोड़ने का कार्य पूर्ण किया गया है।

प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम में  विभिन्न श्रेणियों के 1327 पद भरे जाएंगे। एचआरटीसी  के लिए 343 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आम जनता की सुविधा के लिए परिवहन विभाग का कंप्यूटरीकरण किया जाएगा जिससे सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें।

वहीं, हमीरपुर में एक ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस ट्रांसपोर्ट नगर में आधुनिक सुविधाएं जैसे कि ड्राईविंग टैस्ट ट्रैक, ट्रैफिक पार्क, प्रशिक्षण केंद्र व वाहन रख-रखाव एवं मुरम्मत पार्क उपलब्ध रहेंगे। प्रदेश के विभिन्न शहरों व कस्बों के बीच की बस सेवा को उन्नत करने के लिए बड़े शहरों के बीच वातानुकूलित व सुपर डीलक्स बसें शुरू की जाएंगी।

नाहन बस अड्डे पर बहुमंजीला पार्किंग स्थल के अलावा कोटखाई, बरछवाड़, थुनाग, करसोग, भंजराड़ू, ठियोग व अंब में निर्माणाधीन बस अड्डों का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। दाड़लाघाट, ननखड़ी व बालीचैकी में बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा। बंजार में पार्किंग ब्लॉक का निर्माण करवाया जाएगा। बस अड्डों के निर्माण के लिए 17.50 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

 मौजूदा बस अड्डों के रखरखाव और उनके उन्नयन के लिए 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। परिवहन निगम की ओर से 100 नई विद्युत संचालित सहित 250 बसें खरीदी जाएंगी। शिमला की तर्ज पर धर्मशाला, बिलासपुर व मंडी में निगम की ओर से पर्यटक परिपथ शुरू किए जाएंगे।

हिमाचल में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए सभी जिला अस्पतालों में मेमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए जयराम सरकार ने यह फैसला लिया है। सीएम ने अपने बजट भाषण में 60 साल या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है।

मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि कुछ वर्षों से प्रदेश की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की शिकायतें सामने आई हैं। यह एक ऐसा कैंसर है, जिसका यदि आरंभ अवस्था में पता चज जाए तो पूर्ण इलाज संभव है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2020-21 के दौरान जिलों में इन मशीनों को स्थापित किया जाना है। इसके अलावा कैंसर की रोकथाम के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। 

स्वस्थ और सशक्त किशोरित्व एवं मातृत्व योजना का एलान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बच्चियों और किशोरियों के वैैक्सीन टीकाकरण के लिए एक नीति बनाई जाएगी। इसके लिए सीएम ने स्वस्थ और सशक्त किशोरित्व एवं मातृत्व योजना का एलान किया है। 

अब सहारा योजना में दिए जाएंगे 3000 रुपये   
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सहारा योजना में 3000 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को 2000 रुपये दिए जाते थे। योजना में 8 हजार 188 पंजीकृत लाभार्थियों में से 5 हजार 580 लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें भी यह लाभ देना शुरू कर दिया जाएगा।

क्षय रोगियों को 1500 रुपये प्रतिमाह 
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षय रोग निवारण योजना में बेहतर सेवाओं के लिए हिमाचल को पूरे देश में पहला पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि तपेदिक रोग का पता लगाने के लिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेज टांडा में भी लाइन प्रोबेशिस सुविधा शुरू की जाएगी। अभी यह सुविधा एआरएल धर्मपुर में ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों के लिए हर महीने 1500 रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिया जाएगा। 

मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे एआरटी केंद्र
एचआईवी पीड़ित लोगों को जीवनकाल में एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी लेनी पड़ती है। एआरटी के माध्यम से यह सुविधा रोगियों को निशुल्क दी जाती है। राज्य में अभी एआरटी के 6 केंद्र है। अब नाहन, चंबा और नेरचौक में भी इन केंद्रों को खोला जाएगा। 

वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा विभाग के लिए 8,016 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। प्रारंभिक स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना की घोषणा की। इसमें 100 क्लस्टर स्कूलों में बच्चों/शिक्षकों के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें बेहतर टॉयलेट, बिजली, पंखों की व्यवस्था, स्मार्ट कक्षा, फर्नीचर, पानी, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधा शामिल है।

इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया। स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय योजना में ऐसे 68 स्कूलों को चुना जाएगा। जिनमें छात्रों की  संख्या 500 से अधिक होगी। इन स्कूलों का नवीकरण किया जाएगा। योजना के लिए 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया।

नौ कॉलेजों को उत्कृष्ट कॉलेजों के तौर पर तैयार करने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। इन कॉलेजों में जिम स्थापित किए जाएंगे। उन सभी विषयों का छात्र यहां चयन कर सकेंगे जो अन्य कॉलेजों में उपलब्ध नहीं है। इस योजना के लिए नौ करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों का बहुत अधिक विस्तारीकरण किया गया है। अब गुणात्मक पहलु पर सरकार का ध्यान रहेगा।

तीन साल पूर्व प्रदेश के 12 डिग्री कॉलेजों में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुई बीवॉक की डिग्री के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने के बाद अब छह और कॉलेजों में इसे शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा करते हुए कहा कि सूबे के 12 कॉलेजों में बीवॉक की डिग्री कर रहे अंतिम वर्ष के 703 विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई सुचारु रखने के लिए बीते साल शुरू की गई सीवी रमन वर्चुुअल क्लासरूम का भी सरकार ने दायरा बढ़ा दिया है।

नए वित्तीय वर्ष के तहत 106 नए स्कूल-कॉलेजों में वर्चुुअल क्लासरूम शुरू किए जाएंगे। युवाओं को खेलकूद और व्यायाम के लिए बेहतर सुविधाएं देने को सरकारी मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य राजकीय व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। एनसीसी लेने वाले युवाओं को फौज/ पैरामिलिट्री और पुलिस सेवाओं में भर्ती के लिए प्रोत्साहन देने को आवश्यक बटालियन और कंपनियां खोली जाएंगी। इस घोषणा से अधिक कैडेट एनसीसी के बी और सी प्रमाणपत्र का लाभ ले सकेंगे।

50 स्कूलों में शुरू होगी गणित प्रयोगशालाएं
शिमला। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए गणित में आवश्यक कौशल और निपुणता लाने के लिए सरकार ने 50 स्कूलों में ंगणित प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया है। प्रयोगशाला के माध्यम से गणित शिक्षा का सरलीकरण किया जाएगा और इसे रोचक बनाया जाएगा।

धर्मशाला को होटल मैनेजमेंट, सुंदरनगर को मिला फूड क्राफ्ट संस्थान
पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में दो व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। धर्मशाला में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट और सुंदरनगर में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी।

छह हजार पद भरने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिक्षण संस्थानों में 10,700 पद भरने की स्वीकृति दी है। अभी तक चार हजार शिक्षकों के पद भरे जा चुके हैं। शेष पद जल्द भर दिए जाएंगे। किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रहने देंगे।

 प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर और नकेल कसने के लिए बद्दी में विजिलेंस थाना स्थापित करने जा रही है। शुक्रवार को बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस बार के बजट में पुलिस, गृह रक्षक, अग्निशमन औश्र कारागार विभाग के लिए कुल 1729 करोड़ के बजट प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति प्रदेश सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है। कहा कि प्रदेश के विजिलेंस मैनुअल को भी केंद्रीय विजिलेंस मैनुअल 2017 के आधार पर संशोधित किया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने डीएनए डाटा बेस तैयार करने की भी घोषणा की। कहा कि अपराधों की बेहतर छानबीन के लिए फोरेंसिक सेवाओं की महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में फोरेंसिक सेवाओ ंका आधुनिक तकनीकों से मजबूत और विस्तार किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार तकनीकी पदों का सृजन किया जाएगा। वहीं यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था पर बेहतर कमान के लिए 176 पुलिस वाहनों में माउंटेड कैमरा लगाए जाएंगे जिनके जरिये शहर में होने वाली गतिविधियों की निगरानी पुलिस नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।

वहीं, असामाजिक तत्वों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और निगरानी के दौरान मुफीद साबित होने की वजह से नए वित्त वर्ष के दौरान 500 बॉडी वार्न कैमरा और खरीदे जाएंगे। वहीं, 500 सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस की सहायता के लिए लगाने का प्रस्ताव किया गया है। किसानों और पर्यावरण के लिए खतरा बन रहे अवैध खनन पर नकेल कसने क े लिए प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर दस डेडिकेटेड माइनिंग चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। इन चेक पोस्ट का संचालन संयुक्त रूप से उद्योग और पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा। 

साइबर समन्वय केंद्र से साइबर अपराध पर नकेल
साइबर अपराधों की रोकथाम और इससे निपटने के उद्देश्य से प्रदेश में एक साइबर समन्वय केंद्र बनाकर उसे आधुनिक तकनीक व उपकरणों से लैस किया जाएगा। कोशिश यह होगी कि प्रदेश के सभी साइबर संबंधी मामलों में इस केंद्र की मदद ली जाए और बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाई जा सके।  वहीं, पांच फायर पोस्ट को अपग्रेड कर सब फायर स्टेशन बनाने के लिए भी बजट में घोषणा की गई है।

हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। तेरहवीं विधानसभा के इस बजट सत्र में बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 7900 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। जोकि वित्त वर्ष 2019-20 के योजना आकार से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है।

 

बजट में 1990 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति उपयोजना, 711 करोड़ रुपये जनजाति उपयोजना व 88 करोड़ रुपये पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना के लिए प्रस्तावित है। बजट में सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों व स्वायत निकायों के नियमित, अंशकालिक, अनुबंध व दैनिक भोगी कर्मचारियों की व्यक्तिगत समूह दुर्घटना बीमा योजना के बीमा कवर को बढ़ाने की घोषणा की गई।

 

दुर्घटना होने पर सुनिश्चित बीमा राशि को मृत्यु अथवा पूर्ण विकलांगता पर दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये बढ़ाया जाएगा। आंशिक क्षति की स्थिति में यह राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।  इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को थोड़ा सा अधिक प्रीमियम देना होगा। वर्तमान में 70 प्रतिशत से अधिक अस्थिबाधित विकलांग व दृष्टिहीन सरकारी कर्मचारियों को 500 रुपये की दर से वाहन भत्ता दिया जा रहा है।

 

बजट में वाहन भत्ते की दर को 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिमाह करने की की घोषणा की गई। अवैध खनन पर पैनी नजर रखने के लिए प्रदेश के खनन की शिकायतें आने वाले स्थानों में10 समर्पित खनन चेक पोस्ट स्थापित करने की जाएंगी ताकि अवैध खनन को रोका जा सके। इनका संचालन संयुक्त रूप से उद्योग व पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा। 

 


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अटल पेंशन योजना का इन्हें भी मिलेगा लाभ





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