Former Pm Manmohan Singh Media Advisor Sanjay Baru Victim Of Online Fraud – मनमोहन सरकार में मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू के साथ हुई ठगी, ऑनलाइन मंगवाई थी शराब, एक गिरफ्तार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 28 Jun 2020 05:31 PM IST

पुलिस ने आरोपी आकिब जावेद को किया गिरफ्तार
– फोटो : amar ujala

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केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) एक की सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन के मीडिया सलाहकार रहे व बहु चर्चित ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पुस्तक लिखने वाले संजय बारू के साथ ठगी होने का एक मामला सामने आया है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने के नाम पर जालसाजों ने उनसे करीब 24 हजार रुपये ठग लिए। दक्षिण जिले की साइबर सेल ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने की बात कहकर ठगी करने वाले इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश एक आरोपी को कामा, भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। ये लॉकडाउन के दौरान कई लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। 

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल ठाकुर के अनुसार हौजखास, दक्षिण दिल्ली में रहने वाले संजय बारू लॉकडाउन के दौरान हौजखास थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दो जून को ऑनलाइन शराब खरीदने के लिए गूगल पर सर्च किया। गूगल पर ला केव वाइन्स एण्ड स्प्रीटिस नाम से नंबर आया। उन्होंने शराब के लिए ऑर्डर दे दिया। आरोपियों ने पैसा जमा कराने को कहा। शिकायकर्ता ने 24 हजार रुपये जमा करा दिए। उन्होंने जैसे ही पैसे जमा कराए, आरोपी मोबाइल आदि बंद कर गायब हो गए। 

मामले की जांच साइबर सेल इंस्पेक्टर अजीत कुमार, एसआई विजय पाल, एसआई वरुण गुलिया व एएसआई सुरेन्द्र कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने मोबाइल नंबर व बैंक खातों की डिटेल खंगाली तो पता लगा कि सभी फर्जी आईडी से लिए हुए हैं। पुलिस को जांच में ये पता लगा कि ठगी का पैसे जिन बैंक खातों में गया है वह असम, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान के हैं। ये भी पता लगा कि ठगी का पैसा कामा भरतपुर, राजस्थान निवासी आकिब जावेद के पीएनबी बैंक खाते में गया है। एसआई विजय पाल की टीम ने कामा भरतपुर से अकिब जावेद को गिरफ्तार कर लिया।

पेशे से ओला कैब चालक आकिब ने बताया कि गिरोह काफी बड़ा है और पूरे भारत में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। वह गिरोह से कुछ दिन पहले ही जुड़ा था। ठगी का पैसा बैंक में आते ही पांच से दस मिनट में बैंक खातें में ट्रांसफर कर लेते थे। ये बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फर्जी आईडी आदि से खुले हुए होते थे। या ये इन राज्यों में जाकर लोगों से उनका बैंक खाता खरीद लेते थे। गिरोह के मुख्य सदस्यों के गिरफ्त में आने के बाद ही ये पता लगेगा कि ये कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आठवीं पास आरोपी आकिब के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। 

सार

– लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने के नाम पर की गई ठगी
– दक्षिण जिला पुलिस ने भरतपुर से एक आरोपी को किया गिरफ्तार
– आरोपी पेशे से ओला कैब चालक है
– फर्जी आईडी से खोल रखे थे खाते व ले रखे थे मोबाइल नंबर

विस्तार

केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) एक की सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन के मीडिया सलाहकार रहे व बहु चर्चित ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पुस्तक लिखने वाले संजय बारू के साथ ठगी होने का एक मामला सामने आया है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने के नाम पर जालसाजों ने उनसे करीब 24 हजार रुपये ठग लिए। दक्षिण जिले की साइबर सेल ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शराब बेचने की बात कहकर ठगी करने वाले इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश एक आरोपी को कामा, भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। ये लॉकडाउन के दौरान कई लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। 

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल ठाकुर के अनुसार हौजखास, दक्षिण दिल्ली में रहने वाले संजय बारू लॉकडाउन के दौरान हौजखास थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दो जून को ऑनलाइन शराब खरीदने के लिए गूगल पर सर्च किया। गूगल पर ला केव वाइन्स एण्ड स्प्रीटिस नाम से नंबर आया। उन्होंने शराब के लिए ऑर्डर दे दिया। आरोपियों ने पैसा जमा कराने को कहा। शिकायकर्ता ने 24 हजार रुपये जमा करा दिए। उन्होंने जैसे ही पैसे जमा कराए, आरोपी मोबाइल आदि बंद कर गायब हो गए। 

मामले की जांच साइबर सेल इंस्पेक्टर अजीत कुमार, एसआई विजय पाल, एसआई वरुण गुलिया व एएसआई सुरेन्द्र कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने मोबाइल नंबर व बैंक खातों की डिटेल खंगाली तो पता लगा कि सभी फर्जी आईडी से लिए हुए हैं। पुलिस को जांच में ये पता लगा कि ठगी का पैसे जिन बैंक खातों में गया है वह असम, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान के हैं। ये भी पता लगा कि ठगी का पैसा कामा भरतपुर, राजस्थान निवासी आकिब जावेद के पीएनबी बैंक खाते में गया है। एसआई विजय पाल की टीम ने कामा भरतपुर से अकिब जावेद को गिरफ्तार कर लिया।

पेशे से ओला कैब चालक आकिब ने बताया कि गिरोह काफी बड़ा है और पूरे भारत में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। वह गिरोह से कुछ दिन पहले ही जुड़ा था। ठगी का पैसा बैंक में आते ही पांच से दस मिनट में बैंक खातें में ट्रांसफर कर लेते थे। ये बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फर्जी आईडी आदि से खुले हुए होते थे। या ये इन राज्यों में जाकर लोगों से उनका बैंक खाता खरीद लेते थे। गिरोह के मुख्य सदस्यों के गिरफ्त में आने के बाद ही ये पता लगेगा कि ये कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आठवीं पास आरोपी आकिब के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। 



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