Election Israel, Vote For Third Time In A Year, Tough Competition Between Likud And Blue And White – इस्राइल में एक साल के भीतर तीसरी बार हुआ मतदान, लिकुड और ब्लू एंड व्हाइट में कड़ी टक्कर

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इस्राइल में एक साल के भीतर सोमवार को तीसरी बार संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। पिछले साल दो बार हुए चुनाव राजनीतिक गतिरोध दूर करने में नाकाम रहे थे क्योंकि कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर सकी। 

देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पर्याप्त सीटें जीतने में नाकाम रहे थे। इस चुनाव में भी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और पूर्व सैन्य जनरल बर्नी गैंट्ज की मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है। मतदान के नतीजे मंगलवार सुबह तक आएंगे।

वहीं मतदान शुरू होने से पूर्व अपने भाषण में नेतन्याहू ने कहा, इस चुनाव में राजनीतिक गतिरोध दूर हो जाएगा। लोग अपने घरों से बाहर निकलें और लिकुड पार्टी को वोट दें। दूसरी तरफ, गैंट्ज ने समर्थकों को नेतन्याहू के विभाजनकारी शासन को समाप्त करने के लिए लोगों से उनकी पार्टी को वोट देने को कहा। रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। 64.5 लाख मतदाताओं के लिए 10,631 मतदान केंद्र थे। कोरोना वायरस की जांच के दायरे में आए इस्राइली लोगों के लिए 14 विशेष मतदान केंद्र थे।

61 सीटों की जरूरत
120 सीटों वाली संसद में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है। पिछले साल सितंबर में हुए चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी को 32 जबकि गैंट्ज की पार्टी को 33 सीटें हासिल हुई थीं।
 
फेसबुक ने नेतन्याहू का वीडियो हटाया, 59 सीटें जीतने का कर रहे थे दावा
फेसबुक ने नेतन्याहू का वह वीडियो हटा दिया, जिसमें वह अपनी जीत का दावा करते हुए नजर आ रहे थे। फेसबुक के मुताबिक, यह इस्राइली चुनाव नियमों का उल्लंघन था। नेतन्याहू ने कहा था, हम जीत के बेहद करीब हैं क्योंकि हमारा पोलिंग डाटा बता रहा है कि हम 59 सीट हासिल करने वाले हैं। इस्राइल में मतदान से कुछ घंटे पहले पोलिंग डाटा की जानकारी देना चुनाव नियमों का उल्लंघन कहलाता है। फेसबुक ने कहा कि उसे वीडियो को लेकर कई शिकायतें मिलीं, जिसके बाद उसे हटा दिया गया। 

सार

  • मंगलवार सुबह आएंगे नतीजे, नेतन्याहू की लिकुड और गैंट्ज की ब्लू एंड व्हाइट में कड़ी टक्कर
  • 14 विशेष मतदान केंद्र कोरोना वायरस की जांच के दायरे में आए लोगों के लिए
  • 64.5 लाख मतदाताओं के लिए 10,631 मतदान केंद्र

विस्तार

इस्राइल में एक साल के भीतर सोमवार को तीसरी बार संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। पिछले साल दो बार हुए चुनाव राजनीतिक गतिरोध दूर करने में नाकाम रहे थे क्योंकि कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर सकी। 

देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पर्याप्त सीटें जीतने में नाकाम रहे थे। इस चुनाव में भी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और पूर्व सैन्य जनरल बर्नी गैंट्ज की मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है। मतदान के नतीजे मंगलवार सुबह तक आएंगे।

वहीं मतदान शुरू होने से पूर्व अपने भाषण में नेतन्याहू ने कहा, इस चुनाव में राजनीतिक गतिरोध दूर हो जाएगा। लोग अपने घरों से बाहर निकलें और लिकुड पार्टी को वोट दें। दूसरी तरफ, गैंट्ज ने समर्थकों को नेतन्याहू के विभाजनकारी शासन को समाप्त करने के लिए लोगों से उनकी पार्टी को वोट देने को कहा। रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। 64.5 लाख मतदाताओं के लिए 10,631 मतदान केंद्र थे। कोरोना वायरस की जांच के दायरे में आए इस्राइली लोगों के लिए 14 विशेष मतदान केंद्र थे।

61 सीटों की जरूरत
120 सीटों वाली संसद में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत है। पिछले साल सितंबर में हुए चुनाव में नेतन्याहू की पार्टी को 32 जबकि गैंट्ज की पार्टी को 33 सीटें हासिल हुई थीं।
 
फेसबुक ने नेतन्याहू का वीडियो हटाया, 59 सीटें जीतने का कर रहे थे दावा
फेसबुक ने नेतन्याहू का वह वीडियो हटा दिया, जिसमें वह अपनी जीत का दावा करते हुए नजर आ रहे थे। फेसबुक के मुताबिक, यह इस्राइली चुनाव नियमों का उल्लंघन था। नेतन्याहू ने कहा था, हम जीत के बेहद करीब हैं क्योंकि हमारा पोलिंग डाटा बता रहा है कि हम 59 सीट हासिल करने वाले हैं। इस्राइल में मतदान से कुछ घंटे पहले पोलिंग डाटा की जानकारी देना चुनाव नियमों का उल्लंघन कहलाता है। फेसबुक ने कहा कि उसे वीडियो को लेकर कई शिकायतें मिलीं, जिसके बाद उसे हटा दिया गया। 





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