Delhi Violence Live Update Four More Bodies Found Death Toll 46 – दिल्ली हिंसा: नाले से मिले चार और शव, मरने वालों की संख्या हुई 46, प्रभावित इलाकों में तनाव बरकरार

0
41


ख़बर सुनें

उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में रविवार को शांति रही, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच धीरे धीरे जनजीवन पटरी पर लौट रहा है। वहीं, पुलिस ने रविवार को तीन अलग अलग जगहों से चार और शव बरामद किए। इसके साथ ही हिंसा में मरने वालों की संख्या 46 तक पहुंच गई है। 

पुलिस ने भागीरथी विहार के नाले से दो और गोकुलपुरी व शिव विहार में नाले से एक-एक शव निकाला। पुलिस को सुबह 8.20 बजे भागीरथी नाले में शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद शाम को इसी नाले से एक और शव निकाला गया। 

हालांकि  पुलिस ने न तो हिंसा में इनके मारे जाने की पुष्टि की है, न ही इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। लेकिन इन शवों को जोड़ने पर हिंसा में मरने वालों की संख्या 46 हो गई है। शवों को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। 

शनिवार देर रात सोनिया विहार के अंबे एंक्लेव में बंद पड़े मकान में आग लगने की खबर मिली। हालांकि पुलिस उपद्रवियों द्वारा आग लगाने की बात से इनकार कर रही है। शिव विहार, बाबू नगर, चमन पार्क इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है। यहां सबसे ज्यादा बवाल हुआ था। सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान यहीं पर हुआ। 

स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 550 से 600 मकानों को छोड़कर लोग दूसरी जगह पलायन कर कर गए हैं। यहां उपद्रवियों ने उनके मकानों को लूटने के अलावा आग भी लगा दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थानों में अब तक कुल 230 एफआईआर दर्ज कर 900 से अधिक लोगों से गिरफ्तार किया है। 

चूंकि हिंसा मामले की जांच अपराध शाखा की दो एसआईटी कर रही हैं, लिहाजा एफआईआर दर्ज कर मामलों की जांच एसआईटी को ट्रांसफर की जा रही है। पुलिस को हिंसा से जुड़ी सीसीटीवी व वीडियो फुटेज लगातार मिल रही हैं।

वहीं, दिल्ली सरकार ने पीड़ितों का डाटा जुटाकर मुआवजे की औपचारिकताएं पूरी करने का काम शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से मुस्तफाबाद ईदगाह में राहत कैंप लगाकर हिंसा पीड़ितों के रहने, खाने और पीने का इंतजाम शुरू कर दिया है।

इस बीच, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। ब्रह्मपुरी इलाके में श्री श्री ने लोगों से मुलाकात कर उनका दुख दर्द जाना। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने लोगों को कपिल मिश्रा जैसे नेताओं के बयानों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। रविशंकर ने इलाके का दौरा करने के बाद कहा, यह बेहद दुखी करने वाला है। हमें उन लोगों से सीखने की जरूरत है, जिन्होेंने दूसरों की जान बचाई। दंगे करने वाले समाज विरोधी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने समर्थकों व वॉलिंटियर्स से लोगों की मदद करने का आग्रह किया।

शाहीन बाग में भारी पुलिस बल तैनात, लगी धारा 144
शाहीन बाग में पुलिस ने रविवार को एहतियातन सुरक्षा बलों की भारी तैनाती करने के साथ ही धारा-144 लगा दी। एक दिन पहले हिंदू सेना नामक संगठन ने सड़क खाली कराने को लेकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने प्रस्तावित प्रदर्शन वापस ले लिया था। पुलिस उपायुक्त आर पी मीणा ने कहा, ‘समय से हस्तक्षेप के कारण प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द कर दिया गया, लेकिन दो महिला पुलिसकर्मियों की टुकड़ी समेत 12 टुकड़ियां इलाके में तैनात की गई हैं। स्थानीय पुलिस के साथ चार जिलों के 100 पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में रविवार को शांति रही, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच धीरे धीरे जनजीवन पटरी पर लौट रहा है। वहीं, पुलिस ने रविवार को तीन अलग अलग जगहों से चार और शव बरामद किए। इसके साथ ही हिंसा में मरने वालों की संख्या 46 तक पहुंच गई है। 

पुलिस ने भागीरथी विहार के नाले से दो और गोकुलपुरी व शिव विहार में नाले से एक-एक शव निकाला। पुलिस को सुबह 8.20 बजे भागीरथी नाले में शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद शाम को इसी नाले से एक और शव निकाला गया। 

हालांकि  पुलिस ने न तो हिंसा में इनके मारे जाने की पुष्टि की है, न ही इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। लेकिन इन शवों को जोड़ने पर हिंसा में मरने वालों की संख्या 46 हो गई है। शवों को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। 

शनिवार देर रात सोनिया विहार के अंबे एंक्लेव में बंद पड़े मकान में आग लगने की खबर मिली। हालांकि पुलिस उपद्रवियों द्वारा आग लगाने की बात से इनकार कर रही है। शिव विहार, बाबू नगर, चमन पार्क इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है। यहां सबसे ज्यादा बवाल हुआ था। सबसे ज्यादा जानमाल का नुकसान यहीं पर हुआ। 

स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 550 से 600 मकानों को छोड़कर लोग दूसरी जगह पलायन कर कर गए हैं। यहां उपद्रवियों ने उनके मकानों को लूटने के अलावा आग भी लगा दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थानों में अब तक कुल 230 एफआईआर दर्ज कर 900 से अधिक लोगों से गिरफ्तार किया है। 

चूंकि हिंसा मामले की जांच अपराध शाखा की दो एसआईटी कर रही हैं, लिहाजा एफआईआर दर्ज कर मामलों की जांच एसआईटी को ट्रांसफर की जा रही है। पुलिस को हिंसा से जुड़ी सीसीटीवी व वीडियो फुटेज लगातार मिल रही हैं।

वहीं, दिल्ली सरकार ने पीड़ितों का डाटा जुटाकर मुआवजे की औपचारिकताएं पूरी करने का काम शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से मुस्तफाबाद ईदगाह में राहत कैंप लगाकर हिंसा पीड़ितों के रहने, खाने और पीने का इंतजाम शुरू कर दिया है।


आगे पढ़ें

हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचे श्री श्री रविशंकर





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here