Coronavirus Updates: China Has Made Eating Wild Animals Illegal After Virus Outbreak – कोरोनावायरस : दुनियाभर में संक्रमण फैलने के बाद चीन ने सांप-चमगादड़ खाने पर लगाया प्रतिबंध

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Mar 2020 05:32 PM IST

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कोरोनावायरस ने करीब 80 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। चीन के वुहान प्रांत से फैले इस वायरस से 95 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई विशेषज्ञों का दावा है कि चीनी लोगों के सांप, चमगादड़ और पेंगौलिन जैसे वन्य जीवों को खाने की वजह से यह वायरस फैला है। 

हालांकि अभी तक इस तथ्य की पुष्टि नहीं हुई है कि कोरोनावायरस वन्य जीवों से इंसानों में पहुंचा है। मगर इस बीच चीन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वन्य जीवों के मांस पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने स्वीकार किया है कि किसी अन्य वायरस को फैलने से रोकने के लिए वन्यजीव इंडस्ट्री पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। वर्ष 2017 के एक अनुमान के मुताबिक यह बाजार 73 अरब डॉलर से भी ज्यादा का है और दस लाख से ज्यादा लोग इसमें कार्यरत हैं। 

चीन ने ऐसे वन्यजीवों को जो सामाजिक, वैज्ञानिक और परिस्थितियों के मुताबिक महत्वपूर्ण हैं, उनके पालन, मांस बिक्री और खाने पर रोक लगा दी है। अगले साल इसे लेकर सख्त कानून आने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के लिए यह कदम उठाना काफी मुश्किल होगा क्योंकि सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि दवाओं, कपड़ों आदि के लिए भी वन्य जीव अहम हैं। यहां तक वे इन्हें पालते भी हैं। 

पहले भी वन्य जीवों से फैला है वायरस 
‘सीएएन’ की खबर के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने वन्यजीवों के मांस पर प्रतिबंध लगाया है। 2003 में नेवले जैसे दिखने वाले एक जीव सिवेट्स के मांस पर प्रतिबंध लगाया गया था। उस समय पाया गया था कि इस जीव की वजह से इंसानों में सार्स वायरस फैलता है। ग्वांगझू में सार्स वायरस के फैलने के बाद सांपों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि अभी भी चीन के कई प्रांतों में इन्हें खाया जाता है। 

चीनी प्रांत वुहान देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में अपने वन्य जीवों के बाजार के लिए मशहूर है। इस बाजार में आपको सांप, जंगली कुत्ते, साही और हिरण समेत कई जीवों का मांस बिकता है। इस बाजार में पिंजरों में बद अन्य जीवों को भी देखा जा सकता है। 

कोरोनावायरस ने करीब 80 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। चीन के वुहान प्रांत से फैले इस वायरस से 95 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई विशेषज्ञों का दावा है कि चीनी लोगों के सांप, चमगादड़ और पेंगौलिन जैसे वन्य जीवों को खाने की वजह से यह वायरस फैला है। 

हालांकि अभी तक इस तथ्य की पुष्टि नहीं हुई है कि कोरोनावायरस वन्य जीवों से इंसानों में पहुंचा है। मगर इस बीच चीन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वन्य जीवों के मांस पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने स्वीकार किया है कि किसी अन्य वायरस को फैलने से रोकने के लिए वन्यजीव इंडस्ट्री पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है। वर्ष 2017 के एक अनुमान के मुताबिक यह बाजार 73 अरब डॉलर से भी ज्यादा का है और दस लाख से ज्यादा लोग इसमें कार्यरत हैं। 

चीन ने ऐसे वन्यजीवों को जो सामाजिक, वैज्ञानिक और परिस्थितियों के मुताबिक महत्वपूर्ण हैं, उनके पालन, मांस बिक्री और खाने पर रोक लगा दी है। अगले साल इसे लेकर सख्त कानून आने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के लिए यह कदम उठाना काफी मुश्किल होगा क्योंकि सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि दवाओं, कपड़ों आदि के लिए भी वन्य जीव अहम हैं। यहां तक वे इन्हें पालते भी हैं। 

पहले भी वन्य जीवों से फैला है वायरस 
‘सीएएन’ की खबर के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने वन्यजीवों के मांस पर प्रतिबंध लगाया है। 2003 में नेवले जैसे दिखने वाले एक जीव सिवेट्स के मांस पर प्रतिबंध लगाया गया था। उस समय पाया गया था कि इस जीव की वजह से इंसानों में सार्स वायरस फैलता है। ग्वांगझू में सार्स वायरस के फैलने के बाद सांपों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि अभी भी चीन के कई प्रांतों में इन्हें खाया जाता है। 


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वन्य जीवों के बाजार के रूप में मशहूर है वुहान 





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